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शेख हमद बिन खलीफा ने कतर के शासक के रूप में फारस की खाड़ी के इस देश को कूटनीति, मीडिया और निवेश के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली बनाया और बाद में अपने बेटे को सत्ता सौंप दी. शेख हमद ने 18 वर्ष तक अमीर रहने के बाद जून 2013 में पद छोड़ दिया था.
नई दिल्ली. भारत सरकार ने कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर सम्मान प्रकट करते हुए 13 जुलाई को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है. राष्ट्रीय शोक के दौरान पूरे भारत में जिन सरकारी भवनों पर नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है, वहां राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा. कोई भी सरकारी मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कतर के पूर्व शासक शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर रविवार को शोक व्यक्त किया और उन्हें ऐसा दूरदर्शी नेता बताया जिन्होंने खाड़ी देश को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. पीएम मोदी ने कहा कि भारत उन्हें एक ‘सच्चे मित्र’ के रूप में याद करता है. सरकारी मीडिया के अनुसार, कतर के पूर्व शासक का 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया.
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “हम कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन से बेहद दुखी हैं. वह एक दूरदर्शी नेता थे जिन्होंने कतर को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. हम उन्हें एक सच्चे मित्र के रूप में भी याद करते हैं. मुझे फरवरी 2024 में कतर की अपनी पिछली यात्रा के दौरान उनसे मिलने का सौभाग्य मिला था.”
प्रधानमंत्री ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी, पूरे शाही परिवार और कतर के लोगों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा, “दिवंगत आत्मा को शाश्वत शांति मिले.” भारत सरकार की ओर से शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू जल्द ही कतर जाएंगे. वह भारत सरकार की ओर से कतर के नेतृत्व को औपचारिक रूप से संवेदना प्रकट करेंगे.
कतर के 18 वर्ष तक अमीर रहे शेख हमद ने जून 2013 में पद छोड़ दिया था. वह ऊर्जा संसाधनों से समृद्ध कतर को एक पीढ़ी से भी कम समय में एक अपेक्षाकृत पिछड़े देश से अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों के प्रमुख केंद्र में बदलने की महत्वाकांक्षी योजना के सूत्रधार थे. लंदन स्थित प्रसिद्ध ‘हैरोड्स’ डिपार्टमेंट स्टोर का स्वामित्व कतर के पास है और इसी देश ने प्रभावशाली उपग्रह समाचार नेटवर्क ‘अल जजीरा’ की स्थापना की.
कतर का राजनीतिक प्रभाव आज उत्तर अफ्रीका से अफगानिस्तान तक फैला हुआ है. देश ने दुनिया में सबसे अधिक देखी जाने वाली फुटबॉल प्रतियोगिता फीफा विश्व कप की 2022 में मेजबानी की थी. लंबे समय से सत्ता से दूर रहने के बावजूद शेख हमद जब विश्व कप के उद्घाटन मैच के दौरान आए तो वहां मौजूद कतर के लोगों ने जोरदार तालियों के साथ उनका स्वागत किया थ.
हालांकि, शेख हमद के शासन काल में कतर के बढ़ते प्रभाव और उसकी स्वतंत्र सोच वाली नीतियों ने उसके क्षेत्रीय एवं पश्चिमी सहयोगियों को नाराज कर दिया. इन नीतियों में शिया-बहुल ईरान, फिलिस्तीनी चरमपंथी गुट हमास और मिस्र में प्रतिबंधित मुस्लिम ब्रदरहुड के साथ कतर के करीबी संबंध शामिल थे.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें