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Viral Video: गुरुग्राम-द्वारका एक्सप्रेसवे की एयरपोर्ट टनल में कुछ ऐसा हुआ, जिसने वहां से गुजर रहे लोगों को कुछ पल के लिए हैरान कर दिया. देखते ही देखते पूरा माहौल बदल गया और कुछ ही सेकंड में ऐसा नजारा दिखा, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. आखिर टनल के अंदर ऐसा क्या हुआ और क्यों सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है?
टनल में तकनीक का कमाल
Gurgaon-Dwarka Expressway Tunnel: एयरपोर्ट, हॉस्पिटल और मॉल में आग लगते ही छत से पानी बरसते आपने कई बार देखा होगा, लेकिन अब यही तकनीक भारत की सड़कों पर बनी टनल में भी बड़ा हादसा टाल रही है.
इसका ताजा उदाहरण गुरुग्राम-द्वारका एक्सप्रेसवे की नवनिर्मित एयरपोर्ट टनल में देखने को मिला, जहां चलती कार में अचानक आग लगते ही ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम सक्रिय हो गया और फायर ब्रिगेड पहुंचने से पहले ही आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू हो गई. आखिर यह सिस्टम कैसे काम करता है और इसने बड़ा हादसा कैसे टाल दिया? आइए जानते हैं.
क्या हुआ था टनल के भीतर?
मंगलवार यानी आज सुबह जब गुरुग्राम-द्वारका एक्सप्रेसवे से वाहन अपनी सामान्य गति से टनल से गुजर रहे थे, तभी अचानक कार से धुंआ उठने लगा. कुछ ही सेकंड में कार आग की लपटों में घिर गई. घना काला धुआं पूरी टनल में फैल गया और देखते ही देखते सामने का रास्ता तक दिखाई देना बंद हो गया.
तकनीक बनी रक्षक
लेकिन तभी टनल की छत से अचानक पानी बरसना शुरू हो गया. ऑटोमैटिक फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम ने धुएं और गर्मी को पहचानते ही बिना किसी इंसानी हस्तक्षेप के स्प्रिंकलर चालू कर दिए. कुछ ही पलों में आग फैलने से पहले काबू में आने लगी.
घटनास्थल पर मौजूद सुरक्षा टीम ने भी तत्परता दिखाई. पुलिस और फायर ब्रिगेड को तुरंत सूचित किया गया. गनीमत यह रही कि कार में सवार लोग समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे. इस घटना में किसी के भी हताहत होने की कोई खबर नहीं है. यहां देखें वीडियो-
HPWMS क्यों है खास?
गुरुग्राम-द्वारका एक्सप्रेसवे की एयरपोर्ट टनल में लगाया गया हाई प्रेशर वॉटर मिस्ट सिस्टम (HPWMS) पारंपरिक फायर सेफ्टी सिस्टम से काफी अलग और आधुनिक माना जाता है.
- आग लगते ही बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के स्वतः सक्रिय हो जाता है.
- बेहद महीन पानी की बूंदों (वॉटर मिस्ट) से आग का तापमान तेजी से कम करता है.
- धुएं को नियंत्रित कर टनल के भीतर दृश्यता बेहतर बनाए रखने में मदद करता है.
- आग को आसपास के वाहनों और टनल के अन्य हिस्सों तक फैलने से रोकता है.
- पारंपरिक स्प्रिंकलर सिस्टम की तुलना में कम पानी की खपत करता है.
- टनल की विद्युत व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं को अत्यधिक गर्मी से सुरक्षित रखने में मदद करता है.
- NFPA 502, NFPA 750 और IRC SP:91-2019 जैसे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप विकसित प्रणाली है.
सुरक्षा का भरोसा
यह घटना उन सुरक्षा मानकों की पुष्टि करती है जो इस आधुनिक एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान तय किए गए थे. अक्सर टनल के भीतर होने वाली दुर्घटनाएं मानवीय त्रुटि या तकनीकी खराबी के कारण बड़ी त्रासदी का रूप ले लेती हैं, लेकिन यहां तकनीक ने इंसान की जान बचाकर यह साबित कर दिया कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश का मतलब केवल ‘सड़क’ बनाना नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है.
घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. लोग टनल में लगे ऑटोमैटिक फायर सिस्टम की जमकर तारीफ कर रहे हैं. कई यूजर्स का कहना है कि अगर यह तकनीक समय पर सक्रिय नहीं होती, तो हादसा कहीं ज्यादा गंभीर हो सकता था.
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Harshita Patel is working with News18 Hindi (hindi.news18.com) Central Desk since 2025. She has a good understanding of national, international, and local news, along with current affairs, gold rates, and resea…और पढ़ें