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चाईबासा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने डीएमएफटी फंड के उपयोग पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि खदान प्रभावित इलाकों के लिए बने इस फंड की राशि का लाभ जमीन पर नहीं दिख रहा। उन्होंने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम के तीन दिन के दौरे में लोगों से बातची
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मरांडी के अनुसार जिले को दस वर्षों में 3742.15 करोड़ रुपये डीएमएफटी मद में मिले और 75.68 प्रतिशत खर्च होने के बावजूद हालात नहीं बदले, जिसे उन्होंने आर्थिक अपराध बताया। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार डीएमएफटी पर श्वेत पत्र जारी करे और खर्च का पूरा ब्यौरा पोर्टल पर सार्वजनिक करे ताकि पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि रोजगार की कमी से पलायन बढ़ रहा है और जिम्मेदारी राज्य सरकार की है।
कांग्रेस बोली – आरोप तथ्यहीन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने मरांडी के आरोपों को पूरी तरह से तथ्यहीन, भ्रामक और केवल राजनीतिक सुर्खियों में बने रहने वाला बताया। कहा कि जिस डीएमएफटी फंड की वो बात कर रहे हैं, हेमंत सोरेन सरकार ने उसी फंड के जरिए खदान प्रभावित क्षेत्रों में पाइपलाइन से पेयजल आपूर्ति, सुदूर गांवों में पक्की सड़कें, स्वास्थ्य उप-केंद्रों का सुदृढ़ीकरण और सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से गरीब बच्चों को विश्वस्तरीय शिक्षा देने का काम किया है।