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वित्तीय प्रबंधन के लिए सरकार का फरमान, बजट में तय राशि की...




राज्य सरकार वित्तीय प्रबंधन के लिए एक के बाद एक कदम उठा रही है। अब बजट में तय राशि का एकमुश्त आवंटन आदेश करने के बजाय आवश्यकतानुसार ही टुकड़े टुकड़े में ट्रेजरी से राशि निकालने का आवंटन आदेश निकलेगा। वित्त विभाग जल्द ही इस आशय का निर्देश सभी प्रशासी विभागों को जारी करेगा। सरकार अपनी आर्थिक स्थिति को पटरी पर बनाए रखने के लिए कई पहलुओं पर काम कर रही है। फिलहाल राज्य की वित्तीय स्थिति बेहतर नहीं है। सरकार के कोष में खर्च के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध रहे, इसके लिए वित्त विभाग अब एकमुश्त आवंटन आदेश नहीं जारी करने का सैद्धांतिक निर्णय कर लिया है। मालूम हो कि राज्य सरकार अपने बजट में विभागीय योजनाओं को शामिल करता है। बजट को विधानसभा से स्वीकृति मिल जाने के बाद वित्त विभाग की सहमति से विभाग स्वीकृत्यादेश जारी करता है। इसके बाद फिर संबंधित विभाग आवंटन आदेश जारी करता है। अब किसी योजना की संपूर्ण राशि की एक साथ निकासी नहीं की जा सकेगी। इस संबंध में वित्त विभाग का कहना है कि योजना के पूरा होने में समय लगता है। इसलिए जैसे-जैसे किसी योजना का काम पूरा होता जाएगा, उस अनुरूप विभाग उसका पेमेंट करेगा। इससे सरकार के कोष में आवश्यक राशि हमेशा उपलब्ध रहेगी। 2023 के पूर्व पीए खातों की राशि ट्रेजरी में जमा करने का निर्देश
इससे पूर्व राज्य के वित्त सचिव प्रशांत कुमार ने राज्य के सभी विभागीय प्रधान और विभागाध्यक्षों को अप्रैल 2023 के पूर्व पीए खातों में जमा राशि को ट्रेजरी में जमा करने का निर्देश दिया है। कहा है कि एक अप्रैल 2023 के पूर्व पील खाते में जो भी राशि जमा है वह ट्रेजरी में जमा करें। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 18,902 करोड़ रुपए पीएल खाते में पड़े हैं। इससे पूर्व 19 जून को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्त सचिव को निर्देश दिया था कि विभागों में पीएल खाते में 4 वर्षों से अधिक समय से पड़ी राशि को राजकोष में जमा कराएं। कहा था कि राज्य सरकार एक ओर मंईयां सम्मान योजना समेत विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने का प्रयास कर रही है, जबकि दूसरी ओर हजारों करोड़ रुपए पीएल खातों में निष्क्रिय पड़े रह रहा है।



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