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Investment Tips : एक निवेशक के तौर पर अगर आप भी ऐसे विकल्प की तलाश में हैं जो बिना जोखिम उठाए ही बेहतर रिटर्न दिला सके तो आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल की यह स्कीम बेहद काम आ सकती है. इस स्कीम की शुरुआत 5 साल पहले हुई थी और तब से अब तक सालाना 14 फीसदी से भी ज्यादा का रिटर्न दिया है.
आईसीआईसीआई प्रू के फ्लेक्सी कैप फंड में जोखिम कम होता है.
नई दिल्ली. आप भी निवेश का कोई ऐसा विकल्प खोज रहे हैं जो बिना जोखिम उठाए आपके पैसों को हर साल तेजी से बढ़ा सके तो म्यूचुअल फंड की यह स्कीम सारे मंसूबे पूरे कर सकती है. इस स्कीम ने पिछले 5 साल में 14 फीसदी सालाना की दर से जबरदस्त रिटर्न दिया है. इसका मतलब है कि अगर किसी ने 5 साल पहले निवेश किया होता तो उसका पैसा अब तक दोगुना हो जाता. लम्पसम के साथ ही इस स्कीम ने एसआईपी में भी जबरदस्त रिटर्न दिया है.
हम बात कर रहे हैं ICICI प्रूडेंशियल के फ्लेक्सीकैप फंड की, जो लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में एकसाथ निवेश करती है. यह स्कीम ओपन-एंडेड डायनामिक इक्विटी स्कीम है, जिसे शुरू हुए अब तक 5 साल पूरे हो गए हैं. इस दौरान बाजार की अलग-अलग स्थितियों में इसका प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है. 17 जुलाई, 2021 को शुरू की गई यह स्कीम ‘ग्रोथ से वैल्यू बनती है’ के सिद्धांत पर निवेश की रणनीति बनाती है. इसका मकसद ‘प्योर बॉटम-अप स्टॉक-पिकिंग अप्रोच’ के जरिए तेजी से बढ़ने की क्षमता वाले मौकों में निवेश करना है.
5 साल में कितना रिटर्न
पिछले 5 साल में एक मजबूत इन्वेस्टमेंट प्रोसेस और लगातार ऊंचे एक्टिव शेयर की वजह से इस स्कीम का नेट एसेट्स वैल्यू (एनएवी) लगभग दोगुना हो गया है. अगर स्कीम शुरू होने के समय (17 जुलाई, 2021) 10 लाख रुपये का एकमुश्त इन्वेस्टमेंट किया गया होता, तो 30 जून, 2026 तक उसकी कीमत लगभग 19.61 लाख रुपये पहुंच जाती. इसका मतलब है कि 14.55% का चक्रवृद्धि रिटर्न (सीएजीआर) निवेशकों को मिलता. स्कीम के बेंचमार्क (BSE 500 TRI) में इसी तरह का इन्वेस्टमेंट करने पर 17.4 लाख रुपये मिलते जो सालाना 11.88% का रिटर्न होता.
एसआईपी ने दिया 14 फीसदी रिटर्न
इस स्कीम में एसआईपी परफॉर्मेंस की बात करें तो शुरुआत के बाद से अगर हर महीने 10,000 रुपये की एसआईपी 30 जून, 2026 तक होती तो कुल रकम बढ़कर 8.47 लाख रुपये पहुंच जाती. हालांकि, इस दौरान वास्तविक निवेश केवल 6 लाख रुपये ही रहता. इसका मतलब है कि 13.83 फीसदी सीएजीआर की दर से रिटर्न मिला है. स्कीम के बेंचमार्क में इसी तरह का निवेश करने पर 10.43% का रिटर्न मिला है. इस स्कीम को एक हाई-कनविक्शन पोर्टफोलियो बनाए रखने की कोशिश के साथ मैनेज किया जाता है, जिसमें एक्टिव शेयर यानी बेंचमार्क से अंतर 60% से ज्यादा होता है और यह बेंचमार्क-एग्नोस्टिक होती है.
तेज रिकवरी में माहिर है यह स्कीम
इस स्कीम का मकसद ऐसे पोर्टफोलियो को बनाना है जिसमें शामिल कंपनियां गिरावट के समय व्यापक बाजार की तुलना में तेजी से और बेहतर तरीके से रिकवर कर सकें. उदाहरण के लिए व्यापक बाजार में गिरावट की तुलना में स्कीम की एनएवी को रिकवर होने में कम समय लगा. पोर्टफोलियो का मार्केट-कैप मिक्स समय के साथ इसके बॉटम-अप स्टॉक सिलेक्शन प्रोसेस के स्वाभाविक नतीजे के तौर पर विकसित हुआ है. ICICI प्रूडेंशियल एएएमसी के सीनियर फंड मैनेजर रजत चंडक कहते हैं कि पिछले पांच साल का सफर फायदेमंद होने के साथ चुनौतीपूर्ण भी रहा है. शॉर्ट-टर्म में कैश के लेनदेन (टैक्टिकल कैश कॉल्स) पर ध्यान देने के बजाय, हमारा फोकस ऐसे बिजनेस में हिस्सेदारी रखने पर रहा है जिनमें लंबे समय तक बढ़ने की क्षमता हो और हम मार्केट के उतार-चढ़ाव के दौरान भी उनमें बने रहें.
कहां निवेश होता है पैसा
पोर्टफोलियो का 60-65% हिस्सा ग्रोथ-ओरिएंटेड रहा है, जबकि 30-35% हिस्सा कॉन्ट्रा/साइक्लिकल शेयरों में लगा है. ग्रोथ के लिए, यह स्कीम ऐसी कंपनियों को चुनती है जिनका काम करने का ट्रैक रिकॉर्ड शानदार हो, मैनेजमेंट प्रोफेशनल हो, भविष्य की संभावनाएं अच्छी हों और जो लगातार मार्केट-शेयर बढ़ा रही हों. कॉन्ट्रा मौकों के लिए और मार्केट की घटनाओं के दौरान यह ‘खरीदें और होल्ड करें’ वाली रणनीति अपनाती है. 30 जून, 2026 तक, पोर्टफोलियो का झुकाव मुख्य रूप से कंजम्पशन-बेस्ड सेक्टर की ओर है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें