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Re-NEET की मार! दिल्ली के टॉपर कुशाग्र के घटे नंबर, टूटा AIIMS का सपना

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NEET Re-exam Results 2026: ऐसे में दोनों ही टॉपर बनने की रेस से बाहर हो गए और दिल्ली एम्स का सपना भी इनका टूट गया. हालांकि दिल्ली के दूसरे मेडिकल कॉलेज इनको आसानी से मिल जाएंगे. यहां बात हो रही है ऑल इंडिया रैंक 65 हासिल करने वाले कुशाग्र मित्तल और ऑल इंडिया रैंक 96 हासिल करने वाले आदित्य बनर्जी की. दोनों से लोकल18 ने खास बातचीत की.

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नई दिल्ली: डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने वाला देश का सबसे बड़ा मेडिकल का एग्जाम नीट का रिजल्ट आ चुका है. इसमें दो स्टूडेंट्स ऐसे भी हैं जिनका टॉपर बनने का सपना री-नीट ने छीन लिया. क्योंकि जब नीट एग्जाम हुआ था तो दिल्ली के एक स्टूडेंट का नंबर 720 में से 720 आ रहे थे. जबकि दूसरे स्टूडेंट के नंबर 700 के करीब पहुंच चुके थे. जब नीट कैंसिल हुआ और री-नीट हुआ तो इन दोनों के नंबर  री-नीट के रिजल्ट में गिर गए. तनाव और प्रेशर की वजह से नीट जितना अच्छा प्रदर्शन ये दोनों स्टूडेंट  री-नीट में नहीं कर सके. ऐसे में दोनों ही टॉपर बनने की रेस से बाहर हो गए और दिल्ली एम्स का सपना भी इनका टूट गया. हालांकि दिल्ली के दूसरे मेडिकल कॉलेज इनको आसानी से मिल जाएंगे. यहां बात हो रही है ऑल इंडिया रैंक 65 हासिल करने वाले कुशाग्र मित्तल और ऑल इंडिया रैंक 96 हासिल करने वाले आदित्य बनर्जी की. दोनों से लोकल18 ने खास बातचीत की.

नीट 720 थे री-नीट में 695 आए
कुशाग्र मित्तल ने बताया कि उनकी ऑल इंडिया रैंक 65 है. कुल नंबर 695 है. जबकि जो नीट पहले हुआ था उसमें उनके पूरे नंबर 720 में से 720 आ रहे थे. री-नीट  की वजह से उनका प्रदर्शन खराब हुआ. ओएमआर शीट में भी उन्होंने एक गलत भर दिया था और इसके अलावा तनाव और प्रेशर की वजह से पूरा प्रदर्शन गिर गया. अब 695 नंबर आए हैं. इस वजह से वह अपने प्रदर्शन से संतुष्ट और खुश नहीं हैं. उन्होंने बताया कि उनके पिता और मां दोनों ही दिल्ली एम्स में डॉक्टर हैं. पिता चंद्र मोहन मित्तल और मां रूचिका मित्तल एम्स में डॉक्टर है. तैयारी के बारे में उन्होंने बताया कि उन्होंने कोई खास रूटिंग अपनाया नहीं था लेकिन हां नीट की तैयारी के लिए  जब तक किसी की गाइडलाइंस में तैयारी नहीं करेंगे तब तक नीट निकालना मुश्किल है. आपके जो भी डाउट्स होते हैं वो क्लियर एक एक्सपर्ट ही कर सकता है. उन्होंने पिछले साल के कई पेपर लगाए थे और आईआईटी जेईई के के पेपर भी देखे थे. तैयारी में वह सुबह के 6:00 से ही पढ़ना शुरू कर देते थे इसीलिए नीट एक्जाम क्रैक कर सके.

खुश नहीं लेकिन संतुष्ट है अपनी रैंक से 
एक और स्टूडेंट आदित्य बनर्जी जिन्होंने अपने स्कूल में भी टॉप किया था. 12वीं में उनके 99% थे. उनसे खास बातचीत में उन्होंने बताया कि उनकी रैंक ऑल इंडिया 96 आई है और कुल नंबर 691 है. उन्होंने यह भी बताया कि दोबारा जब नीट का एग्जाम हुआ तो उसमें नंबर गिर गए क्योंकि दोबारा तैयारी करने में थोड़ा प्रेशर महसूस हो रहा था. फिर भी 96 रैंक से वह खुश और संतुष्ट दोनों ही हैं. उन्होंने बताया कि दिल्ली एम्स अब शायद उन्हें नहीं मिल पाएगा लेकिन दिल्ली के दूसरे बड़े मेडिकल कॉलेज आसानी से मिल जाएंगे. जहां से वह एमबीबीएस की पढ़ाई कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि उनकी मां दिल्ली पूसा में हैं जबकि पिता भी सरकारी नौकरी में ही है. तैयारी के बारे में उन्होंने बस इतना ही कहा कि अगर आप डॉक्टर बनना चाहते हैं तो लगातार तैयारी करते रहिए और लगातार पढ़ने से ही यह एक्जाम क्रैक होगा क्योंकि इसमें पेपर बहुत लंबा आता है जिसे हल कर पाना हर किसी के बस की बात नहीं होती.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



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