Last Updated:
पंडित नंद किशोर मुदगल ने बताया कि रुद्राक्ष धारण करने के बाद मांस, मछली, अंडा और मदिरा जैसी तामसिक चीजों का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए. रुद्राक्ष की पवित्रता बनाए रखना बेहद जरूरी है. इसके अलावा रुद्राक्ष पहनकर किसी से लड़ाई-झगड़ा करना, गुस्सा करना, अपशब्द बोलना या किसी का अपमान करना भी उचित नहीं माना जाता. उन्होंने कहा….
परमजीत/देवघर: सावन का महीना शुरू होते ही पूरा माहौल भोलेनाथ की भक्ति में डूब जाता है. मंदिरों में सुबह से ही घंटियों की आवाज गूंजने लगती है, हर-हर महादेव के जयकारों से शिवालय गुलजार हो जाते हैं और श्रद्धालु हाथों में गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और फूल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं. धार्मिक मान्यता है कि सावन का महीना भगवान शिव को सबसे अधिक प्रिय होता है. इसी वजह से इस पूरे महीने शिव भक्त व्रत रखते हैं, रुद्राभिषेक कराते हैं और पूरी श्रद्धा के साथ भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं. बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में भी सावन का अलग ही नजारा देखने को मिलता है, जहां देश-विदेश से लाखों कांवरिये और श्रद्धालु बाबा के दरबार में जल चढ़ाने पहुंचते हैं. मान्यता है कि इस महीने सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने पर जीवन के दुख-दर्द दूर होते हैं, रोगों से मुक्ति मिलती है और मन की हर इच्छा पूरी होती है.
भगवान शिव को बेलपत्र, गंगाजल अवश्य अर्पण करे :
भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र, गंगाजल, भस्म और रुद्राक्ष का विशेष महत्व बताया गया है. यही कारण है कि सावन शुरू होते ही बड़ी संख्या में लोग रुद्राक्ष धारण करते हैं. किसी के गले में रुद्राक्ष की माला दिखाई देती है तो कोई हाथ में रुद्राक्ष का कंगन पहनकर भगवान शिव का स्मरण करता है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि रुद्राक्ष पहनने के भी कुछ धार्मिक नियम होते हैं. अगर इन नियमों का पालन नहीं किया जाए तो रुद्राक्ष धारण करने का पूरा फल नहीं मिलता. कई लोग बिना जानकारी के किसी भी प्रकार का रुद्राक्ष पहन लेते हैं, जबकि शास्त्रों में इसे सही नहीं माना गया है. इसलिए रुद्राक्ष धारण करने से पहले उसके नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है.
क्या कहते है देवघर के ज्योतिषाचार्य
देवघर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि सावन के महीने में रुद्राक्ष धारण करना बेहद शुभ माना जाता है, क्योंकि रुद्राक्ष भगवान शिव का स्वरूप माना गया है. उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति श्रद्धा और नियम के साथ रुद्राक्ष पहनता है, उसे मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है. लेकिन रुद्राक्ष पहनने के बाद व्यक्ति को अपने व्यवहार, खान-पान और दिनचर्या में भी बदलाव लाना चाहिए. सिर्फ गले में रुद्राक्ष पहन लेने से ही उसका पूरा लाभ नहीं मिलता, बल्कि उसके अनुरूप जीवन भी जीना पड़ता है.
रुद्राक्ष पहनने के है कुछ नियम
पंडित नंद किशोर मुदगल ने बताया कि रुद्राक्ष धारण करने के बाद मांस, मछली, अंडा और मदिरा जैसी तामसिक चीजों का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए. रुद्राक्ष की पवित्रता बनाए रखना बेहद जरूरी है. इसके अलावा रुद्राक्ष पहनकर किसी से लड़ाई-झगड़ा करना, गुस्सा करना, अपशब्द बोलना या किसी का अपमान करना भी उचित नहीं माना जाता. उन्होंने कहा कि रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को हमेशा शांत स्वभाव, मधुर वाणी और सात्विक जीवनशैली अपनानी चाहिए. तभी भगवान शिव की कृपा बनी रहती है और रुद्राक्ष का शुभ प्रभाव देखने को मिलता है.
स्नान करते वक्त उतार कर रख दे रुद्राक्ष
उन्होंने आगे बताया कि स्नान करते समय भी रुद्राक्ष को उतार देना चाहिए. कई लोग हर समय रुद्राक्ष पहनकर रहते हैं, लेकिन शास्त्रों के अनुसार स्नान के दौरान इसे पहनने से बचना चाहिए. साथ ही रुद्राक्ष की साफ-सफाई और उसकी पवित्रता का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि हर मुखी रुद्राक्ष हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं होता. अलग-अलग मुख वाले रुद्राक्ष का अलग महत्व और अलग फल बताया गया है. इसलिए बिना किसी जानकार या विद्वान की सलाह के कोई भी रुद्राक्ष धारण नहीं करना चाहिए.
इतने मुखी रुद्राक्ष करे धारण
ज्योतिषाचार्य के अनुसार अगर सामान्य श्रद्धालु सावन के महीने में रुद्राक्ष धारण करना चाहते हैं तो पंचमुखी रुद्राक्ष सबसे शुभ और सुरक्षित माना जाता है. पंचमुखी रुद्राक्ष को अधिकांश लोग धारण कर सकते हैं और इसे भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का सरल माध्यम माना गया है. उन्होंने कहा कि सावन में अगर श्रद्धालु सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करें, बेलपत्र और गंगाजल अर्पित करें, सात्विक जीवन अपनाएं और नियमों का पालन करते हुए पंचमुखी रुद्राक्ष धारण करें तो भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति व समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है.
About the Author
जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें