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सिक्किम के दक्षिणी जिले में निर्माणाधीन समारदुंग सुरंग के भीतर हुए भूस्खलन और उसके बाद मीथेन गैस रिसाव की घटना में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 के अब भी अंदर फंसे होने की आशंका है. सुरंग के भीतर अचानक लैंडस्लाइड हुआ, जिससे रास्ता अवरुद्ध हो गया और कई मजदूर अंदर फंस गए. स्थिति तब और गंभीर हो गई, जब सुरंग के भीतर मीथेन गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिससे बचावकर्मियों के लिए अंदर प्रवेश करना बेहद जोखिम भरा हो गया.
सिक्किम की सुरंग में फंसे मजदूरों को बचाने की कोशिश की जा रही है.
गंगटोक. सिक्किम के नामची ज़िले में समारदुंग, झोलुंगे के पास बन रही सुरंग में फंसे नौ मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि 18 मजदूरों को अब भी वहां से सुरक्षित निकालने की कोशिश जारी है. यह सुरंग तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना के तहत पटेल इंजीनियरिंग द्वारा बनाई जा रही है. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ज़िला प्रशासन ने बताया कि आठ मजदूरों के शव बरामद कर लिए गए हैं.
सूचना और जनसंपर्क विभाग ने एक बयान में कहा कि मृतकों के शवों को गंगटोक के सिंगतम ज़िला अस्पताल (STNM) और नमची ज़िला अस्पताल ले जाया गया है. नमची ज़िला प्रशासन, अधिकारियों, SDRF, NDRF, सिक्किम पुलिस, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर लगातार यह अभियान चला रहा है. बयान में कहा गया है कि SSDMA स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है और ज़रूरत पड़ने पर आगे की जानकारी दी जाएगी.
नमची जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए पहले कहा था, “ऐसी संभावना है कि समारदुंग सुरंग के अंदर लगभग 27 कर्मचारी फंसे हुए हैं. हालांकि, सुरंग के अंदर की स्थिति के बारे में अभी तक पूरी जानकारी नहीं मिली है, इसलिए सही संख्या की पुष्टि नहीं हो पाई है.” उन्होंने बताया कि नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की एक टीम सुरंग के अंदर गई है और बचाव कार्य शुरू कर दिया है. ज़िला कलेक्टर ने आगे कहा कि NDRF टीम के लौटने के बाद ही स्पष्ट जानकारी मिल पाएगी कि कितने कर्मचारी अंदर हैं और उनकी स्थिति क्या है.
Sikkim Tunnel Collapse Latest Update:
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से नामची जिले में एनएचपीसी तीस्ता स्टेज 6 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में हुए हादसे के बाद बात की. उन्होंने राज्य को केंद्र की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. इस हादसे में सात लोगों की जान चली गई और बचाव अभियान जारी है. सिक्किम सरकार के अनुसार, प्रधानमंत्री ने झोलंगी के समरदुंग में निर्माणाधीन सुरंग की स्थिति का जायजा लिया और चल रहे बचाव कार्यों की समीक्षा की. बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इस त्रासदी पर गहरी चिंता व्यक्त की और प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की. उन्होंने राज्य सरकार को बचाव अभियान और राहत उपायों के लिए केंद्र से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया.
- फंसे लोगों की संख्या को लेकर भी अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है. तामलिंग ने कहा, “प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करीब 19 मजदूर अंदर फंसे थे. बाद में बचाव के लिए पटेल इंजीनियरिंग के तीन कर्मचारी सुरंग में गए, जिनमें से दो भी अंदर फंस गए. इससे कंपनी के कुल 21 लोगों के अंदर होने की आशंका है। इसके अलावा एनएचपीसी के छह कर्मचारी भी सुरंग के भीतर बताए जा रहे हैं, जिससे कुल संख्या 27 तक पहुंचती है. वास्तविक संख्या इससे कम या अधिक भी हो सकती है.” उन्होंने कहा कि जब तक एनडीआरएफ टीम फंसे हुए लोगों के सटीक स्थान तक नहीं पहुंच जाती, तब तक अंदर की स्थिति की पुष्टि नहीं की जा सकती.
- प्रशासन अभी तक भूस्खलन के सटीक कारण का पता नहीं लगा पाया है. जिला कलेक्टर ने बताया कि सुरंग से बाहर निकलने में सफल कुछ मजदूरों ने बताया कि उन्होंने अंदर से विस्फोट जैसी तेज आवाज सुनी थी, जिसके बाद वे तुरंत बाहर भागे. हालांकि कई अन्य मजदूर अब भी सुरंग के भीतर फंसे हुए हैं.
- तामलिंग ने बताया कि सुरंग के भीतर मीथेन गैस की मात्रा बहुत अधिक होने के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है. पहली एनडीआरएफ टीम ने उन अग्निशमन कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाला, जो घटना के बाद अंदर गए थे. इसके बाद दूसरी एनडीआरएफ टीम सुरंग में दाखिल हुई और बचाव अभियान जारी है. अधिकारियों के अनुसार, गैस का स्तर इतना अधिक है कि बचावकर्मी अभी तक उस स्थान तक नहीं पहुंच पाए हैं जहां मजदूरों के फंसे होने की आशंका है. कई बचावकर्मियों को अंदर संपर्क स्थापित करने से पहले ही वापस लौटना पड़ा.
- नमची जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही सिलिगुड़ी और पाक्योंग में तैनात एनडीआरएफ टीमों तथा एसडीआरएफ को तत्काल अलर्ट कर दिया गया था. उन्होंने कहा, “घटना 20 जुलाई की दोपहर करीब 3:09 बजे हुई. समारदुंग पहुंचने के दौरान ही हमने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों को सूचना दे दी थी. अग्निशमन विभाग और पुलिसकर्मियों ने बिना विशेष सुरक्षा उपकरणों के दो बार सुरंग में प्रवेश करने की कोशिश की, लेकिन अंदर की खतरनाक परिस्थितियों के कारण वे फंसे लोगों तक नहीं पहुंच सके.”
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें