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Paper Leak Row: देशभर में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है. इसी बीच राजस्थान हाईकोर्ट में भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दो बड़े मामलों ने नई बहस छेड़ दी है. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2024 में मेरिट सूची और चयन प्रक्रिया को लेकर दिए गए एकलपीठ के आदेश पर खंडपीठ ने अंतरिम रोक लगा दी है. वहीं कृषि पर्यवेक्षक भर्ती-2025 में तीन विवादित प्रश्नों को लेकर अंतिम चयन सूची और नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई है. दोनों मामलों ने भर्ती प्रक्रिया की ट्रांसपेरेंसी और एग्जाम सिस्टम पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं.
राजस्थान के दोनों मामलों में फिलहाल अंतिम फैसला नहीं आया है. (फोटो AP)
Paper Leak Row: देशभर में इस समय एक ही मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में है पेपर लीक, भर्ती परीक्षाएं और उनका भरोसा. दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर कई राज्यों की सड़कों तक छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. कोई शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है तो कोई एग्जाम सिस्टम में बड़े सुधार की. NEET पेपर लीक से शुरू हुआ गुस्सा अब सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहा. छात्रों का कहना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक, भर्ती विवाद और रिजल्ट में गड़बड़ियां उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं. इसी बीच राजस्थान हाईकोर्ट से आई दो खबरों ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है. एक मामला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2024 से जुड़ा है, जबकि दूसरा कृषि पर्यवेक्षक भर्ती-2025 का है.
दिल्ली में छात्र सड़क पर हैं और सोशल मीडिया पर भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. ऐसे माहौल में राजस्थान हाईकोर्ट में दो अलग-अलग मामलों की सुनवाई ने पूरे सिस्टम पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक मामले में आरएसएसबी द्वारा कथित तौर पर ‘जीरो नंबर पर चयन’ से जुड़े विवाद पर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है. वहीं दूसरे मामले में कृषि पर्यवेक्षक भर्ती-2025 के तीन विवादित प्रश्नों और उत्तरों को लेकर हाईकोर्ट ने अंतिम चयन सूची जारी करने और नियुक्तियों पर रोक लगा दी है. यानी भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल अब अदालत तक पहुंच चुके हैं.
राजस्थान हाईकोर्ट में भर्ती विवादों पर सुनवाई
- राजस्थान हाईकोर्ट में इन दोनों मामलों की सुनवाई ऐसे समय हुई है जब पूरे देश में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर बहस चल रही है. दोनों मामलों का संबंध राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) से जुड़ी भर्तियों से है. एक मामला मेरिट सूची और न्यूनतम अंकों से जुड़ा है, जबकि दूसरा प्रश्नपत्र के विवादित उत्तरों को लेकर है.
- चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2024 से जुड़े मामले में पहले हाईकोर्ट की एकलपीठ ने विभिन्न आरक्षित श्रेणियों की मेरिट सूची रद्द करने, न्यूनतम अंक तय करने और नई चयन सूची जारी करने के निर्देश दिए थे. हालांकि अब राज्य सरकार की विशेष अपील पर सुनवाई करते हुए जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने उस आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है. साथ ही प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर छह सप्ताह में जवाब मांगा गया है.
- राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने अदालत के सामने पक्ष रखा. अब इस मामले में अगली सुनवाई के बाद ही यह साफ होगा कि भर्ती प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ेगी. फिलहाल एकलपीठ का आदेश लागू नहीं होगा.
कृषि पर्यवेक्षक भर्ती में तीन सवालों पर विवाद
राजस्थान हाईकोर्ट में दूसरा मामला कृषि पर्यवेक्षक भर्ती-2025 से जुड़ा है. इस भर्ती परीक्षा में तीन प्रश्नों और उनके उत्तरों को लेकर विवाद सामने आया है. इसी को चुनौती देते हुए याचिकाएं दाखिल की गई थीं. जस्टिस गणेशराम मीणा की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कर्मचारी चयन बोर्ड और प्रमुख शासन सचिव (कृषि) से जवाब तलब किया है. अदालत ने फिलहाल अंतिम चयन सूची जारी करने और नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी है. यह आदेश याचिकाकर्ता सतीश कुमार मीणा एवं अन्य की याचिकाओं पर दिया गया. उनकी ओर से एडवोकेट हरेंद्र नील ने पैरवी की.
भर्ती प्रणाली पर फिर उठे बड़े सवाल
देशभर में छात्र लगातार यही मांग कर रहे हैं कि भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए. राजस्थान हाईकोर्ट में पहुंचे ये दोनों मामले भी इसी बहस को और तेज कर रहे हैं. एक तरफ मेरिट और चयन प्रक्रिया पर सवाल हैं, तो दूसरी तरफ प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी की शुद्धता को लेकर विवाद अदालत तक पहुंच गया है. ऐसे मामलों का अंतिम फैसला अदालत करेगी, लेकिन फिलहाल इन घटनाओं ने भर्ती प्रक्रिया पर नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है.
अब अदालत के अगले आदेश पर सबकी नजर
दोनों मामलों में फिलहाल अंतिम फैसला नहीं आया है. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2024 में एकलपीठ के आदेश पर अंतरिम रोक लगी हुई है, जबकि कृषि पर्यवेक्षक भर्ती-2025 में अंतिम चयन सूची और नियुक्तियों पर रोक जारी है. ऐसे में हजारों अभ्यर्थियों की नजर अब हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हुई है. वहीं देशभर में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच ये दोनों मामले परीक्षा और भर्ती प्रणाली में सुधार की मांग को और मजबूत कर रहे हैं.
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सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…
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