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Ranchi Students On JSSC Field Worker Exam: झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की फील्ड वर्कर परीक्षा में रांची के बहुत से छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. किसी का एग्जाम सेंटर 300 किमी दूर होने से पेपर छूटा तो किसी को एडमिट कार्ड देर से मिला. इतना ही नहीं पेपर सिलेबस के बाहर से आने का मुद्दा भी उठा.
रांची. झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की तरफ से तीन दिन पहले ही फील्ड वर्कर पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा कराई गई थी. लेकिन कई अभ्यर्थी यह परीक्षा नहीं दे पाए. एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार करीब 75% अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र तक पहुंच नहीं पाए. इसका कारण यह रहा कि किसी का सेंटर 500 किलोमीटर तक दूर दिया गया, तो किसी को परीक्षा खत्म होने के बाद ईमेल के जरिए एडमिट कार्ड की सूचना मिली. ऐसे में खासतौर पर रांची के छात्रों ने लोकल 18 से बातचीत की और बताया कि उन्हें किस बात से सबसे ज्यादा परेशानी हुई.
एडमिट कार्ड परीक्षा से पहले डाउनलोड हो रहा था
इस बारे में रांची के युवाओं का कहना थोड़ा अलग है. एडमिट कार्ड के सवाल पर हर्षित बताते हैं, एडमिट कार्ड परीक्षा के दो दिन पहले ही डाउनलोड हो रहा था. ऐसे में अगर कोई ईमेल के भरोसे बैठा है, तो वह विद्यार्थी की गलती है. उसे वेबसाइट खोलकर देखना चाहिए था कि एडमिट कार्ड डाउनलोड हो रहा है या नहीं. अगर आप नहीं देखेंगे, तो गलती किसकी है? आयोग ने तो वेबसाइट पर एडमिट कार्ड जारी कर दिया था.
एडमिट कार्ड के मामले में आयोग को गलत ठहराना सही नहीं होगा. विद्यार्थियों को भी कुछ जिम्मेदार होना चाहिए कि वे वेबसाइट पर लॉगिन करके अपना एडमिट कार्ड समय से डाउनलोड कर लें. रांची में इस तरह का मामला देखने को नहीं मिला है. सबने अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया है. हां, कुछ और बातें हैं, जिन्होंने इस परीक्षा को थोड़ा मुश्किल बना दिया है.
40% सवाल आउट ऑफ सिलेबस
रितिक बताते हैं कि मेरा संथाली पेपर था और इस पेपर में 40% सवाल आउट ऑफ सिलेबस थे. ऐसा लग रहा था कि फील्ड वर्कर की परीक्षा, जो 10th लेवल की होती है, उसमें ग्रेजुएशन लेवल के प्रश्न डाल दिए गए हैं. यह बिल्कुल भी 10th लेवल का नहीं लग रहा था. दूसरी बात, प्रश्न कहां से आए, यह भी समझ में नहीं आ रहा था. ऐसे में सिलेबस के बाहर के प्रश्नों ने हमारी टेंशन काफी बढ़ा दी.
300 किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र मिला
राज बताते हैं कि मैं कोडरमा से हूं और मुझे जमशेदपुर परीक्षा केंद्र मिला. चूंकि एडमिट कार्ड भी एक दिन पहले ही डाउनलोड हुआ था. इतने कम समय में इतनी दूर जाना-आना मेरे लिए बहुत चुनौती थी. ऐसे में मेरी परीक्षा छूट गई. इतनी हड़बड़ी में आप कैसे जाएंगे, कैसे आएंगे. ऐसे में मेरे हाथ से परीक्षा निकल गई और यह मेरे लिए बहुत दुख की बात है.
वहीं, प्रियांशु बताते हैं, मेरा सेंटर हजारीबाग दिया गया था और मैं रांची का हूं. अब दो दिन में वहां जाना, रहना और खाने का बंदोबस्त करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. अब मैं पढ़ाई पर ध्यान दूं या आने-जाने की ट्रैवलिंग पर. इसी में थकान हो जाएगी और ऐन वक्त पर काफी मुश्किल हो जाता है. ऐसे में सेंटर को लेकर रांची के बच्चों को थोड़ी परेशानी हुई है. लेकिन एडमिट कार्ड परीक्षा से पहले ही डाउनलोड हो गया था.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …
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