![]()
भास्कर न्यूज | गिरिडीह गिरिडीह-डुमरी मुख्य मार्ग पर योगीटांड़ के पास करीब एक वर्ष पूर्व भारी बारिश के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया था। हादसे के बाद विभाग ने मिट्टी और बोल्डर डालकर अस्थायी बैरिकेडिंग तो कर दी, लेकिन आज तक इसकी स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई। नतीजतन, इस व्यस्त मुख्य मार्ग पर महज आठ की जगह तीन मीटर चौड़ी सड़क ही आने-जाने के लिए बची है। दोनों ओर से वाहनों के आमने-सामने आने पर हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। सबसे ज्यादा परेशानी ऑटो, ई-रिक्शा (टोटो) और बाइक सवारों को हो रही है। कई बार अनियंत्रित होकर बाइक सवार हादसे का शिकार भी हो चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि इसी रास्ते से रोजाना जिले के आला अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विधायक और सांसद गुजरते हैं, फिर भी एक साल से स्थिति जस की तस बनी हुई है। पास में ही कॉलेज की बाउंड्रीवॉल भी बन चुकी है। इधर, राष्ट्रीय राजमार्ग पथ प्रमंडल धनबाद के कार्यपालक अभियंता दिलीप कुमार साहा ने बताया कि वह पूरा इलाका सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के खदान क्षेत्र से प्रभावित है। जब तक सड़क के नीचे सीसीएल की ओर से गोफ (जमीन के अंदर के खाली हिस्से) को नहीं भरा जाएगा, तब तक सड़क की स्थायी मरम्मत संभव नहीं है। इसके लिए खनन प्रबंधन को तुरंत पहल करनी चाहिए।
Source link