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Muzaffarpur Zila School Renovation: मुजफ्फरपुर के 182 साल पुराने जिला स्कूल का नाम बदलकर सरस्वती विद्या निकेतन कर दिया गया है. इसे आधुनिक सुविधाओं के साथ मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि यह सरकारी शिक्षा का आदर्श बन सके. जानें इस स्कूल में क्या सब बदलाव आएगा.
मुजफ्फरपुर शहर के मिठनपुरा स्थित 182 वर्ष पुराने ऐतिहासिक राजकीय जिला स्कूल की पहचान अब पूरी तरह बदलती नजर आ रही है. वर्षों तक “राजकीय जिला स्कूल” के नाम से प्रसिद्ध इस शिक्षण संस्थान का नाम बदलकर अब “सरस्वती विद्या निकेतन” कर दिया गया है. नाम परिवर्तन के साथ-साथ स्कूल भवन को आधुनिक स्वरूप देने का काम भी तेजी से चल रहा है. पूरे परिसर में रंग-रोगन, मरम्मत और सौंदर्यीकरण का कार्य अंतिम चरण में है, जिससे स्कूल का लुक पूरी तरह बदल गया है.
यह विद्यालय मुजफ्फरपुर ही नहीं, बल्कि बिहार के सबसे पुराने शैक्षणिक संस्थानों में गिना जाता है. लगभग 182 वर्षों से यह स्कूल हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ समाज को कई प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक, चिकित्सक और अन्य क्षेत्रों के सफल व्यक्तित्व दे चुका है. अब राज्य सरकार ने इस ऐतिहासिक विद्यालय को नई पहचान देते हुए इसे मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है.
सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में विकसित किए जा रहे इस स्कूल में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं. परिसर को पूरी तरीके से केसरिया रंगों से सजाया गया है. भवन की दीवारों, प्रवेश द्वार और कक्षाओं को नए स्वरूप में तैयार किया जा रहा है ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके. स्कूल के मुख्य भवन से लेकर परिसर तक का दृश्य अब पहले की तुलना में काफी बदला हुआ दिखाई दे रहा है.
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राज्य सरकार का उद्देश्य इस विद्यालय को आधुनिक संसाधनों से लैस कर इसे अन्य सरकारी स्कूलों के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित करना है. यहां स्मार्ट क्लास, बेहतर प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं और डिजिटल शिक्षा जैसी व्यवस्थाओं को भी चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है. इससे सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला स्कूल की ऐतिहासिक विरासत को बरकरार रखते हुए उसका आधुनिकीकरण किया जाना स्वागत योग्य पहल है. वर्षों से इस विद्यालय से भावनात्मक जुड़ाव रखने वाले पूर्व छात्र भी नए स्वरूप को लेकर उत्साहित हैं. उनका मानना है कि नाम बदलने के साथ यदि शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं में भी व्यापक सुधार होता है, तो यह आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगा.
वर्तमान में स्कूल परिसर में रंग-रोगन और अन्य निर्माण कार्य तेजी से जारी है. नए रंगों और आकर्षक डिजाइन के कारण विद्यालय का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है. दूर से देखने पर यह किसी आधुनिक शिक्षण संस्थान जैसा दिखाई देता है. उम्मीद की जा रही है कि मॉडल स्कूल के रूप में विकसित होने के बाद सरस्वती विद्या निकेतन मुजफ्फरपुर में सरकारी शिक्षा की नई पहचान बनेगा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का केंद्र बनकर उभरेगा.