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NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने 13 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है. चार्जशीट में NTA के 3 सब्जेक्ट एक्सपर्ट, कोचिंग संचालकों और बिचौलियों के नाम शामिल हैं. जांच एजेंसी ने 360 गवाहों और 422 दस्तावेजों के साथ पुख्ता सबूत पेश किए हैं. BNS और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की गंभीर धाराओं में फंसे सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं.
सीबीआई मामले की जांच कर रही है.
नई दिल्ली. देश के लाखों मेडिकल स्टूडेंट्स के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अब न्याय का शिकंजा पूरी तरह कस चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप तेजी से कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में 13 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ राउज एवेन्यू कोर्ट में अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है. सीबीआई की इस कड़े एक्शन ने साफ कर दिया है कि युवाओं के सपनों से सौदा करने वाला कोई भी गुनहगार अब कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएगा. पीएम ने इंस्टाग्राम के जरिए जारी वीडियो संदेश में पेपर लीक केस की जांच के लिए जल्द से जल्द फार्स्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया था.
360 गवाह और मजबूत सबूत तैयार
जांच एजेंसी ने कोर्ट में पेश की गई अपनी चार्जशीट में 360 गवाहों के बयान, 422 अहम दस्तावेज और 43 भौतिक साक्ष्यों (मटीरियल ऑब्जेक्ट्स) को शामिल किया है. सीबीआई की जांच में खुलासा हुआ कि पूरी साजिश को आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, सबूत नष्ट करने और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत अंजाम दिया गया था. इसके साथ ही नए लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल मामले के सभी 13 मुख्य आरोपी जेल में बंद हैं.
एक्सपर्ट्स-कोचिंग संचालक पर सीबीआई का डंडा
3 मई 2026 को आयोजित हुई इस परीक्षा में धांधली की शिकायत मिलने के तुरंत बाद सीबीआई ने 12 मई को एफआईआर दर्ज की थी. जांच के लिए 72 अधिकारियों और 8 साइबर फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की विशेष टीमें बनाई गईं. एजेंसी ने महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में 92 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. सीबीआई ने पेपर लीक के मुख्य सोर्स से लेकर लाभार्थियों तक की पूरी कड़ी का पर्दाफाश कर दिया.
हैरान करने वाली बात यह है कि गिरफ्तार 13 आरोपियों में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के केमिस्ट्री, बायोलॉजी और फिजिक्स के 3 सब्जेक्ट एक्स्पर्ट भी शामिल हैं. इसके अलावा फर्जीवाड़े के जरिए प्रश्नपत्र हासिल करने वाले कोचिंग सेंटर्स के 2 संचालकों और बिचौलियों को भी दबोचा गया है.
| क्रमांक | नाम | प्रोफाइल / भूमिका |
|---|---|---|
| 1 | मनीषा मंधारे | एनटीए की जीवविज्ञान (बायोलॉजी) विशेषज्ञ |
| 2 | प्रल्हाद विठ्ठलराव कुलकर्णी | एनटीए के रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) विशेषज्ञ |
| 3 | मनीषा संजय हवलदार | एनटीए की भौतिकी (फिजिक्स) विशेषज्ञ |
| 4 | मनीषा संजय वाघमारे | बिचौलिया |
| 5 | धनंजय निवृत्ति लोखंडे | बिचौलिया |
| 6 | शुभम मधुकर खैरनार | बिचौलिया |
| 7 | यश यादव | बिचौलिया |
| 8 | मांगीलाल बिवाल | बिचौलिया |
| 9 | विकास बिवाल | बिचौलिया |
| 10 | दिनेश बिवाल | बिचौलिया |
| 11 | डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे | बिचौलिया |
| 12 | शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर | आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट, लातूर के संचालक |
| 13 | तेजस हर्षदकुमार शाह | एपीएमए कोचिंग इंस्टीट्यूट, पुणे में भौतिकी संकाय एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) |
अकाउंट्स फ्रीज, आर्थिक तंत्र पर चोट
सीबीआई ने न केवल आरोपियों को जेल पहुंचाया बल्कि उनके मनी ट्रेल की भी परतों को उधेड़ दिया है. जांच के तहत आरोपियों के कई बैंक खाते, बैंक लॉकर और एक डीमैट खाता तुरंत प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है. फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के रास्ते अब साफ हो चुके हैं, जिससे साफ संदेश गया है कि धांधली करने वालों की अब खैर नहीं.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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