भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

देवघर में शुरू हुआ श्रावणी मेला, AI रखेगा श्रद्धालुओं पर नजर, कई...


Last Updated:

Shravani Mela 2026 Deoghar: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 का शुभारंभ झारखंड के देवघर स्थित दुम्मा प्रवेश द्वार से विधिवत किया गया. सावन के दौरान लाखों कांवरिये बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण के लिए पहुंच रहे हैं. इस बार मेले में पहली बार भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्लॉक रूम, अलग ब्रिज, चिकित्सा शिविर, पेयजल, शौचालय और सहायता केंद्र जैसी नई व्यवस्थाएं की गई हैं. वहीं स्पर्श पूजा पर रोक लगा दी गई है. साथ ही, शीघ्रदर्शनम कूपन का शुल्क 300 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है.

देवघर: आस्था, श्रद्धा और विश्वास का सबसे बड़ा संगम बाबा बैद्यनाथ धाम एक बार फिर शिवभक्ति के रंग में रंग गया है. 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूरे साल श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है. लेकिन सावन शुरू होते ही देवघर का माहौल पूरी तरह शिवमय हो जाता है. ऐसा लगता है मानो पूरा शहर भगवान भोलेनाथ की भक्ति में डूब गया हो. देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण के लिए देवघर पहुंचते हैं. भगवा वस्त्र पहने कांवरिये कंधे पर पवित्र गंगाजल लेकर और ‘बोल बम’ का जयघोष करते हुए बिहार के सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम से करीब 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी करते हैं. लंबी यात्रा के बाद जब श्रद्धालु बाबा के दरबार पहुंचते हैं, तो जलार्पण कर अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं.

दुम्मा से हुआ श्रावणी मेला 2026 का शुभारंभ
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 का विधिवत शुभारंभ बुधवार को बिहार-झारखंड सीमा पर स्थित देवघर के दुम्मा प्रवेश द्वार से किया गया. उद्घाटन समारोह की शुरुआत तीर्थ पुरोहितों के वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुई. इसके बाद झारखंड सरकार के मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने नारियल फोड़कर और फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया. उद्घाटन के दौरान पूरा दुम्मा क्षेत्र “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा. प्रशासन ने श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्था की है. अधिकारियों का कहना है कि मेले के दौरान आने वाले लाखों कांवरियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी.

कांवरियों ने साझा किया अपना अनुभव
टाटानगर से आए एक कांवरिये ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से लगातार सावन में बाबा बैद्यनाथ पर जल चढ़ाने आते हैं. उन्होंने कहा कि बाबा से जो भी मनोकामना मांगी, वह पूरी हुई. इसी विश्वास के कारण वह हर साल अपने परिवार और दोस्तों के साथ देवघर पहुंचते हैं. उन्होंने बताया कि 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा आसान नहीं होती. लेकिन बाबा के दरबार पहुंचते ही सारी थकान दूर हो जाती है. मन को अलग तरह की शांति और संतोष मिलता है. यही वजह है कि हर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है.

पहली बार AI तकनीक से होगी निगरानी
इस बार का श्रावणी मेला कई मायनों में खास है. पहली बार पूरे मेले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. भीड़ की निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य गतिविधियों पर आधुनिक तकनीक के जरिए नजर रखी जाएगी. पूरे मेला क्षेत्र को सुरक्षा के लिहाज से पुलिस छावनी में बदल दिया गया है. जगह-जगह पुलिस बल, दंडाधिकारी, महिला पुलिस, क्यूआरटी टीम और अन्य सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है. सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी की जाएगी. इसका उद्देश्य किसी भी अव्यवस्था या दुर्घटना को समय रहते रोकना है.

श्रद्धालुओं के लिए कई नई सुविधाएं
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चिकित्सा शिविर, पेयजल, शौचालय, सहायता केंद्र और विश्राम स्थल बनाए गए हैं. इस बार पहली बार क्यू कॉम्प्लेक्स में क्लॉक रूम की व्यवस्था की गई है. यहां श्रद्धालु अपना मोबाइल, बैग, पर्स और अन्य सामान सुरक्षित रख सकेंगे. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी नई व्यवस्था की गई है. पहले शीघ्रदर्शनम कूपनधारक और सामान्य कतार के श्रद्धालु एक ही स्थान पर मिल जाते थे. इससे काफी भीड़ और धक्का-मुक्की होती थी. इस बार शीघ्रदर्शनम के श्रद्धालुओं के लिए अलग ब्रिज बनाया गया है. इससे दोनों कतारें अलग-अलग रहेंगी और भीड़ का दबाव कम होगा.

स्पर्श पूजा पर रोक, शीघ्रदर्शनम शुल्क बढ़ा
प्रशासन ने गुरुवार से मंदिर में स्पर्श पूजा पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया है. अर्घा लगने के बाद श्रद्धालु दूर से ही जलार्पण करेंगे. वहीं शीघ्रदर्शनम कूपन की कीमत 300 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दी गई है. कुल मिलाकर इस बार का श्रावणी मेला पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और तकनीक से लैस बनाया गया है. प्रशासन का दावा है कि आधुनिक व्यवस्थाओं और बेहतर सुरक्षा इंतजामों के कारण इस बार श्रद्धालुओं को पहले से अधिक सुविधाजनक और सुगम दर्शन का अनुभव मिलेगा.

About the Author

Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…

और पढ़ें



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top