भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

75 साल की उम्र में भी नहीं थमे कदम! 45 साल से...


बोकारो: बदलते दौर में जहां ऑनलाइन शॉपिंग और बड़े-बड़े कॉस्मेटिक स्टोर तेजी से बढ़ रहे हैं. वहीं, बोकारो के 75 वर्षीय कृष्ण प्रसाद साहू अपनी मेहनत और अनोखे अंदाज से आज भी लोगों के दिलों में खास जगह बनाए हुए हैं. बीते 45 वर्षों से वह जालीदार ठेले पर श्रृंगार का सामान लेकर गांव-गांव और घर-घर जाकर बिक्री कर रहे हैं और उनकी पहचान सिर्फ एक फेरीवाला की नहीं, बल्कि पुराने और जाने-माने और भरोसेमंद कारोबारी के रूप में भी है.

कॉस्मेटिक का घर-घर बेचते हैं सामान

लोकल 18 से बातचीत में कृष्ण प्रसाद ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने मजदूरी समेत कई छोटे-मोटे काम किए. इसी दौरान उनके एक साथी ने उन्हें श्रृंगार के सामान का कारोबार शुरू करने की सलाह दी. उन्होंने इस सुझाव को अपनाया और करीब 45 साल पहले घर-घर जाकर श्रृंगार का सामान बेचने का काम शुरू कर दिया, जो आज भी जारी है. उन्होंने बताया कि समय के साथ बहुत कुछ बदल गया है. अब ऑनलाइन शॉपिंग और कॉस्मेटिक स्टोर हर जगह उपलब्ध है, लेकिन गांवों में आज भी लोग उन पर पहले जैसा ही भरोसा करते हैं. नए ग्राहकों के साथ-साथ पुराने ग्राहक भी आज उनके आने का इंतजार करते हैं और उन्हीं से श्रृंगार का सामान खरीदना पसंद करते हैं.

इन इलाकों में जरुर पहुंचते हैं बिक्री करने

कृष्ण प्रसाद ने आगे बताया कि सप्ताह के सात दिन वह कुरा , बरटाड़, चिराचास, लोबुड़ीह, दीवानगंज, परसाबेड़ा और पिपराटांड़ समेत कई गांवों का दौरा करते हैं. वहीं, अपने जीवन के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर को याद करते हुए कृष्ण प्रसाद बताते हैं कि कोरोना काल उनके कारोबार के लिए सबसे कठिन समय था. क्योंकि उस दौरान सालों कि जमा-पूंजी भी खर्च करनी पड़ी थी. हालांकि, हालात सामान्य होने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और पहले की तरह मेहनत व लगन के साथ दोबारा श्रृंगार का कारोबार शुरू कर दिया.

वहीं, अपने कारोबार के सबसे यादगार पल के बारे में कृष्ण प्रसाद  कहते हैं कि जिन छोटी बच्चियों को उन्होंने बचपन में श्रृंगार का सामान बेचा था, वे आज भी शादी के बाद जब मायके लौटती हैं तो फिर उनसे ही खरीदारी करती हैं. ग्राहकों का यही अपनापन उनके लिए सबसे बड़ी कमाई है

अपने अनोखे जालीदार ठेले के आइडिया को लेकर कृष्ण प्रसाद ने बताया वह शुरुआत में वे बक्सा लेकर घर-घर जाते थे, लेकिन बक्से से बार-बार सामान निकालकर दिखाने में काफी समय लगता था और ग्राहकों को भी पूरा सामान एक साथ दिखाई नहीं देता था. इसी परेशानी को दूर करने के लिए उन्होंने जालीदार ठेला तैयार कराया  इस ठेले में सभी सामान बाहर से ही दिखाई देते हैं, जिससे ग्राहकों को पसंद करने में आसानी होती है साथ ही वे लंबी दूरी तक आराम से ठेला चलाकर गांव-गांव पहुंच जाते हैं.

18 साल पहले हो गई थी पत्नी की मौत

फिलहाल कृष्ण प्रसाद साहू अपने छोटे बेटे और बहू के साथ रहते हैं. करीब 18 वर्ष पहले उनकी पत्नी का निधन हो गया था. इसके बाद उन्हें एक और गहरा सदमा तब लगा, जब उन्होंने अपने एक बेटे को भी खो दिया. जीवन में कई कठिन दौर आने के बावजूद उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और अपने श्रृंगार के कारोबार को लगातार जारी रखा. उनका कहना है कि जब तक शरीर साथ देगा, तब तक वे अपने जालीदार ठेले के साथ लोगों के बीच पहुंचते रहेंगे और इस कारोबार से जुड़े रहेंगे.



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top