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कोल्हान डीआईजी के नेतृत्व में तीन राज्यों की पुलिस ने की रायशुमारी भास्कर न्यूज |चाईबासा गुरुवार को प. बंगाल और ओडिशा के पुलिस अधिकारियों के साथ कोल्हान के तीनों जिलों के एसपी व डीआईजी की एक हाई-लेवल ऑनलाइन मीटिंग हुई। इसमें प. सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां व पूर्वी सिंहभूम से सटे ओडिशा व प. बंगाल के जिलों की पुलिस अधिकारियों ने माओवाद, ड्रग्स और अपराध के विरुद्ध बड़ा अभियान चलाने को लेकर बैठक की। तीनों राज्यों की सीमाओं से जुड़े पुलिस अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित कर इस अभियान को संचालित करेंगे। चाईबासा एसपी कार्यालय में डीआईजी कोल्हान अनुरंजन किस्पोट्टा की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक आयोजित हुई। यह बैठक एक करोड़ के इनामी माओवादी पोलित ब्यूरो मेंबर मिसिर बेसरा के पकड़े जाने और नवजीवन ऑपरेशन के तहत 30 से ज्यादा माओवादियों के सरेंडर के तुरंत बाद हुई। इस बैठक में सिर्फ माओवाद ही नहीं, गौ-तस्करी, ड्रग्स और क्राइम कंट्रोल पर भी लंबी चर्चा हुई। झारखंड से डीआइजी कोल्हान अनुरंजन किस्पोट्टा के अलावा एसपी चाईबासा अमित रेणु, एसएसपी पूर्वी सिंहभूम,डॉक्टर एहतेशाम वकारिब, एसपी सरायकेला-खरसावां मनोज स्वर्गीयारी, एसपी खूंटी ऋषभ गर्ग, एसपी सिमडेगा श्रीकांत एस. खोतरे, एसपी ग्रामीण जमशेदपुर शुभम खंडेलवाल, एसपी सिटी जमशेदपुर ललित मीणा, ईएसपी अभियान खूंटी क्रिस्टोफर केरकेट्टा , डीएसपी सिमडेगा रणवीर सिंह ओडिशा से डीआइजी राउरकेला ब्रजेश राय, एसपी राउरकेला नितेश वाधवानी, एसपी मयूरभंज वरुण गुंटूपल्ली, एसपी क्योंझर नितिन दगदु कुशालकर, एसपी रायरंगगंज व एसपी सुंदरगढ़ अमृतपाल कौर मीटिंग में शामिल हुए। प. बंगाल से डीआईजी बांकुड़ा रेंज अभिषेक के अलावा एसपी पुरुलिया मान्य सिंगला, एसपी बांकुड़ा, एसपी झाड़ग्राम सन्नी कुमार शामिल थे। झारखंड सहित ओडिशा व बंगाल में माओवाद की आखिरी जड़ें अब नाम मात्र है। इनमें प. सिंहभूम, सरायकेला व पूर्वी सिंहभूम में तीन से चार नक्सली छिपें हैं या भाग गए हैं। एक करोड़ का इनामी असीम मंडल व 10 लाख का इनामी सलुका कायम पुलिस के असल टारगेट में हैं। असीम मंडल प. बंगाल के रास्ते में है। जबकि सलुका या तो पोड़ाहाट जंगल में है या फिर काम की तलाश में दूसरे प्रदेश में भागेगा। ऐसे में पूरा टारगेट यही है कि चिह्नित माओवादियों को किसी तरह पकड़ना या सरेंडर कराना है। तीनों स्टेट की सीमाओं पर पहाड़ व जंगल है। इन इलाकों में अपराध, ड्रग्स व गो तस्करी भी बड़े पैमाने पर हो रही है। ये भी एक चुनौती है। तीन राज्यों के ये अधिकारी रहे मीटिंग में ज्वाइंट ऑपरेशन पर बनी सहमति : बैठक में खुफिया जानकारी जुटाने, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, तीनों राज्य की सीमा पर आपसी समन्वय से अभियान चलाने पर सहमति जताई है। माओवादियों, नशे के सौदागरों, पशु तस्करों और अपराधियों पर संयुक्त अभियान चलेगा। आपसी संवाद कायम रखेंगे। ये हैं तीनों स्टेट के चैलेंज : सारंडा- कोल्हान को लैंड माइंस मुक्त, बचे नक्सलियों की गतिविधि पर रोक, नए गैंगस्टर के पनपने पर दबिश, ड्रगस व नशे का राज्यों पर रोक चैलेंज है।
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