भास्कर न्यूज|गुमला भरनो प्रखंड के तत्कालीन सहायक अभियंता वरुण कुमार रंजन को 30 हजार रुपये रिश्वत मामले में बड़ा झटका लगा है। एसीबी की विशेष अदालत ने शुक्रवार को उनकी डिस्चार्ज (मामले से मुक्त करने) की याचिका खारिज कर दी। अदालत के इस फैसले के बाद अब आरोपी इंजीनियर के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ेगी। जानकारी के अनुसार, करौंदाजोर पंचायत में एक लाभुक ने 3.81 लाख रुपये की लागत से मनरेगा योजना के तहत कुएं का निर्माण कराया था। निर्माण कार्य के एवज में 2.10 लाख रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका था। शेष राशि लंबित थी। आरोप है कि इसी बकाया भुगतान को जारी करने के लिए तत्कालीन सहायक अभियंता वरुण कुमार रंजन ने लाभुक से 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत की मांग से परेशान लाभुक ने मामले की शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) से की। शिकायत की जांच के बाद एसीबी ने डीएसपी वचन देव कुजूर के नेतृत्व में 18 सदस्यीय विशेष टीम गठित की। टीम ने 18 अगस्त 2021 को भरनो प्रखंड कार्यालय में छापेमारी की। टीम ने वरुण कुमार रंजन को 30 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। अब एसीबी की विशेष अदालत द्वारा डिस्चार्ज याचिका खारिज किए जाने के बाद इस बहुचर्चित भ्रष्टाचार मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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