किसान अंशुमान सिंह ने बताया कि अगस्त की शुरुआत चौलाई भाजी, लाल भाजी और हरी भाजी की खेती के लिए सबसे अनुकूल समय माना जाता है. इस दौरान गर्म और आर्द्र जलवायु पौधों की तेज बढ़वार में मदद करती है. पर्याप्त नमी और अनुकूल तापमान मिलने से बीजों का अंकुरण तेजी से होता है और फसल कम समय में तैयार हो जाती है. उन्होंने बताया कि अगर किसान अच्छी गुणवत्ता वाले बीजों का चयन करें और खेत में उचित जल निकासी की व्यवस्था रखें तो बहुत कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है.
