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Pure Petrol Price In Pakistan: पाकिस्तान ने कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद पेट्रोल और डीजल के दाम घटा दिए है. इससे पेट्रोल 4.08 रुपये और डीजल 2.45 रुपये प्रति लीटर सस्ता हुआ है. इससे जनता को बड़ी राहत मिली है. वहां पर एक लीटर पेट्रोल का दाम करीब 332 पाकिस्तानी रुपये लीटर है जो भारतीय रुपये में करीब 113 रुपये पड़ता है.
अपने देश में ई20 इथेनॉल मिक्स पेट्रोल करीब 110 रुपये लीटर है.
Pure Petrol Price In Pakistan: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में गिरावट के बाद पाकिस्तान ने पेट्रोल और डीजल के रेट में अच्छी खासी कटौती की है. उसने पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 4.08 पाकिस्तानी रुपये और हाई स्पीड डीजल में प्रति लीटर 2.45 रुपये की कटौती की है. महंगाई से जूझ रही पाकिस्तान की जनता के लिए यह एक बड़ी राहत है. इस वक्त पाकिस्तान में प्रति लीटर 100 फीसदी प्योर पेट्रोल की कीमत 331.95 पाकिस्तानी रुपये लीटर है. वहीं हाई स्पीड डीजल की कीमत प्रति लीटर 389.93 रुपये है. इस कीमत को भारतीय रुपये में कन्वर्ट करें तो पेट्रोल का भाव 113.48 रुपये पड़ता है. वहीं डीजल की कीमत 133.78 रुपये लीटर पड़ती है. इस वक्त एक भारतीय रुपये की पाकिस्तानी करेंसी में कीमत 2.91 है.
अपने भारत में 20 फीसदी इथेनॉल मिक्स पेट्रोल मिलता है. दिल्ली में ई20 पेट्रोल का भाव 102 रुपये लीटर है, जबकि कोलकाता में यह भाव 113 रुपये लीटर है. वहीं 100 फीसदी प्योर, इथेनॉल-फ्री पेट्रोल करीब 160 से 170 रुपये लीटर है.
पाकिस्तान क्यों नहीं मिलाता इथेनॉल?
दरअसल, भारत और पाकिस्तान दोनों देशों की ईंधन नीति में बड़ा अंतर है. भारत ने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने को राष्ट्रीय ऊर्जा नीति का हिस्सा बनाया है, जबकि पाकिस्तान अब तक इस दिशा में कोई बड़ा कदम नहीं उठा पाया है. पाकिस्तान में इथेनॉल का उत्पादन होता है, लेकिन उसका अधिकांश हिस्सा निर्यात कर दिया जाता है. इसकी सबसे बड़ी वजह विदेशी मुद्रा की जरूरत है. पाकिस्तान के लिए इथेनॉल एक निर्यात उत्पाद है, जबकि भारत के लिए यह ऊर्जा सुरक्षा का साधन बन चुका है. दूसरी वजह घरेलू नीति है. पाकिस्तान ने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को अनिवार्य नहीं बनाया है. इसके लिए जरूरी वितरण नेटवर्क, तेल कंपनियों की तैयारी और सरकारी इंसेन्टिव भी सीमित हैं.
तीसरी वजह गन्ने का सीमित उपयोग है. भारत ने चीनी मिलों को इथेनॉल उत्पादन के लिए बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन दिया. इससे किसानों, चीनी उद्योग और तेल कंपनियों के बीच एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला तैयार हुई. पाकिस्तान में ऐसा व्यापक ढांचा विकसित नहीं हो सका. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पाकिस्तान इथेनॉल मिश्रण शुरू करता है तो उसे पेट्रोल आयात पर कुछ हद तक निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है. लेकिन फिलहाल उसकी प्राथमिकता इथेनॉल बेचकर डॉलर कमाना है. भारत में इथेनॉल मिश्रण का एक बड़ा फायदा यह भी है कि कच्चे तेल के आयात पर खर्च कम होता है. साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है और किसानों को अतिरिक्त आय होता है. इसी वजह से भारत ई20 पेट्रोल की ओर तेजी से बढ़ा है.
पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में सुधार
पिछले दो वर्षों में पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट से गुजरा है. विदेशी मुद्रा भंडार लगातार घट रहा था और कई बार आयात भुगतान तक का संकट पैदा हो गया था. लेकिन हाल के महीनों में स्थिति कुछ बेहतर हुई है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से मिले वित्तीय पैकेज, मित्र देशों से सहायता और निर्यात में कुछ सुधार के कारण पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इससे सरकार को जरूरी आयात करने और मुद्रा बाजार को स्थिर रखने में मदद मिली है.
हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सुधार अभी पूरी तरह स्थायी नहीं है. पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था अब भी बड़े पैमाने पर आयातित तेल पर निर्भर है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने पर उसके विदेशी मुद्रा भंडार पर फिर दबाव आ सकता है. यही वजह है कि पाकिस्तान सरकार फिलहाल तेल की वैश्विक कीमतों में आई नरमी का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है. पेट्रोल और डीजल के दाम घटाना उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…
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