धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और उपचुनाव में बीजेपी की हार के बाद से इंडी गठबंधन जोश में है. हालांकि आज उसके होश तब उड़ गए, जब उन्हें वही खबर पता चली जो हमने आपको देश की पाठशाला में पहले ही बताया था. और वो खबर है कि पीएम मोदी लेकर आने जा रहे हैं डीलिमिटेशन बिल और फॉरन फंडिंग रेगुलेशन में बदलाव का बिल… उनका एजेंडा एकदम क्लीयर है. उन्हें देश को बदलने वाले बड़े बड़े बिल लाने हैं. आज पीएम मोदी ने अपनी फ्यूचर प्लानिंग का एक ट्रेलर भी इंडी गठबंधन के नेताओं को दिखा दिया. ट्रेलर देखकर इंडी कैंप में हड़कंप मचा है, पीएम मोदी पर अटैक तेज हो गए हैं.. अजीबो गरीब बयानबाज़ी चल रही है..
पीएम मोदी जो परिसीमन बिल ला रहे हैं, उससे विपक्ष पॉपकॉर्न की तरह उछल रहा है. उधर FCRA बिल को लेकर तो अमेरिका तक में आग लगी हुई है. कहा जा रहा है कि दोनों बिल लाने के लिए संसद का विशेष सत्र भी बुलाया जा सकता है.
संसद में आज क्या-क्या हुआ?
अब सवाल है कि मोदी-शाह ने बिल को पास कराने के लिए नंबर गेम सेट कर दिया है क्या? क्योंकि परिसीमन का बिल पिछली बार नंबर गेम में उलझ गया था, लेकिन इस बार पूरी तैयारी है. आज पीएम मोदी ने एक मीटिंग भी की है. इस मीटिंग की तस्वीरों से ही इंडी को समझ आ गया है कि नंबर गेम में पीएम मोदी को रोकना बहुत मुश्किल है.
इसलिए अब इंडी वाले इस बिल को रोकने के लिए कौन से नए पैंतरे आजमा रहे हैं? आपको बताऊंगा कि मोदी सरकार और राहुल गांधी के बीच जो बैठक हुई, उसमें परिसीमन बिल को लेकर क्या बात हुई? राहुल गांधी ने क्या कहा? संसद में क्या-क्या हुआ? पीएम मोदी ने किससे मुलाकात की? ये सब बताऊंगा, लेकिन पहले देखिए कि संसद में क्या हो रहा है.
इंडी वाले रोज हंगामा कर रहे हैं. संसद का कामकाज ठप पड़ा है. हर दिन संसद परिसर में चढ़ावा चोरी और अमित शाह को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं. पोस्टरबाजी चल रही है. आज भी लोकसभा में हंगामा हुआ. हालांकि राज्यसभा में कुछ काम हुआ. सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला विधेयक पास हुआ. लेकिन संसद के बाहर आज फिर नारेबाजी हुई. राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए. संसद परिसर में विपक्ष के नेताओं ने मार्च निकाला.
अपना एजेंडा आगे बढ़ाने में जुटे पीएम मोदी?
इधर ये सब हंगामा चल रहा था. उधर पीएम मोदी अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने में जुटे हैं. इसके लिए सरकार ने आज विपक्ष से संपर्क किया. संसद के गतिरोध को तोड़ने की कोशिश की गई, ताकी पीएम मोदी के जो मेगा बिल हैं, उस पर काम आगे बढ़े. इसके लिए संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू ने नेता विपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. ये मुलाकात संसद परिसर में राहुल गांधी के कमरे में हुई. वहां प्रियंका वाड्रा भी मौजूद रहीं.
सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच परिसीमन बिल पर चर्चा हुई. लेकिन राहुल गांधी ने अमित शाह के बयान और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग रखी. परिसीमन बिल पर राहुल गांधी ने कहा कि उनका स्टैंड सबको पता है. अगर सरकार किसी बदलाव के साथ आती है तो फिर हम इस बात कर सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, इस बातचीत को लेकर अब संसदीय कार्यमंत्री अपनी सरकार के साथ चर्चा करेंगे और विपक्ष को बताएंगे.
इंडी वालों को कैसे लगा झटका?
सरकार ने राहुल गांधी से बात की. परिसीमन बिल पर चर्चा हुई. इंडी वाले को नया झटका लग गया. क्योंकि इंडी वाले तो यही मान चल रहे थे कि उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा दिलाकर मोदी-शाह की लाइन लेंथ बिगाड़ दी है. लेकिन पीएम मोदी तो अपने प्लान पर कायम हैं.
सूत्र के मुताबिक, सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण बिल को फिर से लाना चाहती है. इसके लिए संसद में दो तिहाई बहुमत जुटाने पर काम हो रहा है. दो तिहाई बहुमत होने के बाद विशेष सत्र बुलाया जा सकता है. सरकार 16 से 18 अगस्त के बीच विशेष सत्र बुलाना चाहती है, मौजूदा सत्र 13 अगस्त को खत्म हो रहा है. सरकार की तरफ से कांग्रेस समेत विपक्ष को विशेष सत्र का प्रस्ताव दिया गया है. सरकार के इस प्रस्ताव पर कांग्रेस ने कहा पार्टी और विपक्ष के दूसरे दलों से चर्चा करके बताएंगे.
पीएम ने दिखा दिया नंबर गेम का ट्रेलर
हालांकि इंडी गठबंधन का जो मौजूदा स्टैंड है, उसे देखकर ये नहीं लग रहा है कि विपक्ष इसके लिए आसानी से मानेगा. परिसीमन बिल के पीछे सारा खेल नंबर गेम का है. सरकार के पास क्या नंबर है इसका एक ट्रेलर आज पीएम मोदी ने दिखा दिया. पीएम मोदी ने आज सुबह नाश्ते पर NDA के नए सांसदों से मुलाकात की. इसमें वो सांसद भी शामिल हुए, जो आम आदमी पार्टी, TMC को छोड़कर आए हैं. पीएम मोदी ने करीब 37 सांसदों से मुलाकात की. इस मुलाकात में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तुरुण चुघ और विनोद तावड़े भी शामिल थे.
पीएम मोदी संसद सत्र के दौरान इसी तरीके से सांसदों के अलग अलग समूह से मुलाकात करते हैं और उसी फ़ेहरिस्त में आज की इस समूह की ये मुलाकात थी. इस मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने NDA सांसदों को नसीहत भी दी. सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि युवाओं की बात खुलकर सुननी चाहिए. उनकी समस्याओं को ध्यान से सुनेंगे, तभी सही समाधान निकल पाएगा. पीएम मोदी ने नसीहत दी कि गलत लोगों की मेहमाननवाजी से बचें. उन्होंने कहा, ‘आपके पीछे कई लोग आएंगे, इसलिए सतर्क और सावधान रहें. गलत चीजों में ना फंसे. अपना लेटर पैड किसी गलत हाथ में न जाने दें. जनता से लगातार जुड़कर रहें और संवाद बनाए रखें. अगर विपक्ष का कोई नेता गलत बात कहे तो टकराव नहीं, समझाने की कोशिश करें. लोगों का मन और दिल जीतने पर जोर दें.
अमेरिका में किस बिल पर लगी खलबली?
इधर परिसीमन बिल की बात हो रही है. उधर एक और बिल है, जिसे लेकर सिर्फ इंडी ही नहीं अमेरिका तक खलबली मची हुई है. ये बिल है Foreign Contribution (Regulation) Act… इस बिल के जरिये NGO और बाकी संगठनों को मिलने वाली फॉरेन फंडिंग के नियमों को टाइट किया जाना है. लेकिन इस बिल का देश के अंदर और बाहर विरोध हो रहा है. कांग्रेस पार्टी इसका विरोध कर रही है. ईसाई संगठन इसके विरोध में बोल रहे हैं. अमेरिका तक बातें हो रही हैं. अमेरिकी के नेताओं को भी इस बिल से आग लगी हुई है.
अमेरिकी सांसद रिले मूरे ने कहा कि ईसाई भारत में तब से हैं जब सेंट थॉमस मालाबार तट पर आए थे. लेकिन इतने लंबे ईसाई इतिहास के बावजूद भारत की संसद Foreign Contribution से जुड़े नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है, जिससे सरकार चर्चों और धार्मिक संस्थाओं का नियंत्रण कर सकें. ये ईसाइयों के खिलाफ साफ हमला है. अगर यह बिल ऐसे ही आगे बढ़ता है तो ये हमारे भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों में बड़ी चिंता का विषय बनेगा.
अमित शाह ने उठाया बड़ा कदम
इधर पीएम मोदी NDA सांसदों को विपक्ष से टकराव से बचने की नसीहत दे रहे हैं, उधर इंडी वाले उल्टे सीधे बयान देने में लगे हैं. जिस ममता बनर्जी की पार्टी टूट गई है, सांसद, विधायक छोड़कर चले गए, उनके नेता किस मोड में है. ममता बनर्जी की पार्टी में दौड़ा दौड़ी और भागम भाग मची है. वहां से नेता भाग भागकर NDA में आ गए, लेकिन ये लोग अब भी इसी बयान से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं.
इधर इंडी वाले गृहमंत्री अमित शाह को घेर रहे हैं. उनके खिलाफ उल्टी सीधी बयानबाजी कर रहे हैं. उधर आज अमित शाह की टीम को लेकर एक बड़ी खबर आई है. केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है. 22 अगस्त को उनका कार्यकाल खत्म होने वाला है. ब्यूरोक्रेसी में गृह सचिव का पद मंत्रालय में सबसे बड़ा होता है. देश की सुरक्षा से जुड़े अहम फैसलों में इनकी भूमिका होती है. गोविंद मोहन साल 2024 में गृह सचिव बने थे. उनका कार्यकाल लगातार दूसरी बार कार्यकाल बढ़ाया गया है. वो भी ऐस वक्त में जब जंतर मंतर पर एक्शन को लेकर अमित शाह को घेरा जा रहा है, इसलिए ये माना जा रहा है कि गृह सचिव का कार्यकाल बढ़ाकर ये मैसेज दिया गया है कि अमित शाह किसी दबाव में नहीं हैं.