जेपीएससी-जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन को खत्म कराने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाया है। आंदोलन के 13वें दिन यानी आज सरकार और छात्रों के बीच बातचीत हो सकती है।
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इसे लेकर सीएम हेमंत सोरेन ने चार मंत्रियों की कमेटी बनाई है। इस कमेटी में उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा और उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव को शामिल किया गया।

मुख्यमंत्री की वार्ता का संदेश लेकर सदर एसडीओ कुमार रजत और एडीएम लॉ एंड ऑर्डर धनंजय कुमार छात्रों के बीच पहुंचे।
इससे पहले मुख्यमंत्री की वार्ता का संदेश लेकर सदर एसडीओ कुमार रजत और एडीएम लॉ एंड ऑर्डर धनंजय कुमार बुधवार की दोपहर करीब 3:30 बजे जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंचे। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के आंदोलनरत छात्रों को सीएम का संदेश सुनाया।
बताया कि सीएम छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता को तैयार हैं। लेकिन छात्रों ने बंद कमरे में बातचीत से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि बातचीत सार्वजनिक मंच पर होगी।
छात्रों ने तिरंगा यात्रा निकाल कर दिखाई एकता
छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अलबर्ट एक्का चौक तक तिरंगा यात्रा निकाली।झमाझम बारिश के बीच जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच की शाम 5:30 बजे तिरंगा यात्रा शुरू हुई। 500 और 300 मीटर का तिरंगा लेकर छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से निकले।
देखते ही देखते स्टेडियम से अलबर्ट एक्का चौक तक छात्रों का हुजूम उमड़ पड़ा। छात्र भारत माता और बिरसा मुंडा के नारे लगा रहे थे। यात्रा समाप्त होने पर सभी छात्र शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह स्थल पर लौट आए।
छात्रों की ओर से निकाली गई तिरंगा यात्रा….

छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अलबर्ट एक्का चौक तक तिरंगा यात्रा निकाली।

500 और 300 मीटर का तिरंगा लेकर छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से निकले।
पढ़िए..एसडीओ और छात्रों के बीच की बातचीत
एसडीओ : राज्य सरकार आपलोगों से वार्ता करना चाहती है। मैं सरकार के प्रतिनिधि के रूप में आया हूं। निवेदन है कि आप पांच सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल बना लीजिए। पांच सदस्यों का नाम मुझे उपलब्ध करा दीजिए, ताकि उन्हें वार्ता के लिए अपने साथ ले जा सकूं। यह वार्ता शाम चार बजे होगी।
छात्र: क्या हमलोगों की बातचीत मुख्यमंत्री से होगी?
एसडीओ: जी हां, छात्रों के लिए जो संदेश भेजा गया है, वह मुख्यमंत्री की ओर से ही भेजा गया है।
छात्र: यह वार्ता कहां होगी, जगह भी तय किया गया है?
एसडीओ : यह वार्ता मोरहाबादी स्थित राजकीय अतिथिशाला में होगी।
छात्र : सरकार 12 दिन बाद जगी है, यह अच्छी बात है। सरकार वार्ता करना चाहती है, यह भी अच्छी बात है। हमलोग इसका स्वागत करते हैं। लेकिन हमलोग अकेले छात्र नहीं हैं। यहां हजारों छात्र-छात्राएं अपने भविष्य को संवारने और जेपीएससी-जेएसएससी में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में पांच लोगों से वार्ता सही नहीं है। हमारी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचा दें। वार्ता जब भी होगी, सार्वजनिक रूप से होगी। बंद कमरे में वार्ता नहीं होगी।
एसडीओ : राज्य सरकार आपके साथ है। आप एक बार वार्ता कर लीजिए। अपनी बात तो रखिए।
छात्र : हमलोग वार्ता के लिए तैयार हैं। लेकिन एक बात बता दें कि यह मुद्दा किसी एक व्यक्ति का नहीं है। जब चुनाव होता है तो वह एक विधायक-सांसद का अकेले का होता है। लेकिन उस समय भी इतना अधिक प्रचार-प्रसार किया जाता है। यहां लाखों छात्रों की जिंदगी की बात है। ऐसे में कैसे बंद कमरे में वार्ता कर लें?
एसडीओ : आप अपनी बात रखिए तो सही। वार्ता से ही सभी समाधान निकलेगा।
छात्रः आप कहते हैं तो हमलोग वार्ता के लिए तैयार हैं। लेकिन शर्त है कि जहां वार्ता होगी, वहां मीडिया के साथी कैमरे के साथ होंगे। ऑन रिकॉर्ड वार्ता होगी। हम आश्वस्त करते हैं कि मीडिया के साथी मुख्यमंत्री से कोई सवाल नहीं करेंगे। सिर्फ दोनों ओर की बातचीत रिकॉर्ड करेंगे।
एसडीओ : आप निश्चिंत रहें। आपलोगों के साथ हुई वार्ता की विस्तृत जानकारी मीडिया को दी जाएगी। सभी बातें सार्वजनिक होगी।
छात्रः ऐसा नहीं होगा। अगर सरकार मीडिया के सामने बात करने के लिए तैयार है, तभी हमलोग वार्ता के लिए तैयार हैं। यह संदेश राज्य सरकार तक पहुंचा दीजिए।

बुधवार को ही सीएम हेमंत सोरेन राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की। उन्हें छात्र आंदोलन की स्थिति से अवगत कराया।
राज्यपाल से मिले सीएम, आंदोलन की जानकारी दी
बुधवार को ही सीएम हेमंत सोरेन राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की। उन्हें जेपीएससी और जेएसएससी की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितता के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन की स्थिति से अवगत कराया।
राज्यपाल ने छात्र हित को सर्वोपरि बताते हुए परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और युवाओं का विश्वास बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने जेपीएससी सिविल सेवा पीटी रद्द करने पर भी सीएम से बात की। उन्होंने कहा कि आयोग इस तरह काम करे कि उनकी पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर किसी प्रकार का प्रश्नचिह्न न लगे।

छात्र आंदोलन राजनीति मंच बनने से नहीं बच सका।
राजनीति मंच बनने से नहीं बच सका आंदोलन
12 दिन पहले जब छात्रों आंदोलन जब शुरू हुआ था तब छात्रों ने कहा था कि आंदोलन को राजनीति का मंच नहीं बनने दिया जाएगा। यही वजह थी कि आंदोलन की शुरुआत करने वाले देवेंद्रनाथ महतो को राजनीति पार्टी का हिस्सा बता कर छात्रों के एक समूह ने उनसे दूरी बना ली थी।
बावजूद इसके यह आंदोलन राजनीति मंच बनने से नहीं बच सका। बुधवार को बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी सहित तमाम लोग मंच तक पहुंचे। उन्होंने आज से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में जोरदार तरीके से बात उठाने का आश्वासन भी दिया। इन 12 दिनों के आंदोलन के क्रम में न केवल बीजेपी बल्कि कांग्रेस के भी कई नेता पहुंचे।
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रांची में जंतर-मंतर जैसा धरना, 7 प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर:एक ने पानी तक छोड़ा था, वांगचुक की अपील पर पिया; 7 अगस्त को विधानसभा घेरेंगे

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ जंतर-मंतर जैसा आंदोलन चल रहा है। 7 से ज्यादा प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर हैं। इनमें छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 2 अगस्त से अन्न-जल छोड़ रखा था।
बुधवार को सोनम वांगचुक ने देवेंद्र से वीडियो कॉल पर बात की। उनकी अपील पर देवेंद्र ने पानी पिया, लेकिन कहा कि उनका अनशन जारी रहेगा।
वहीं SDM कुमार रजत और ADM धनंजय कुमार प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों से मिलने के लिए मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री की ओर से प्रदर्शनकारियों के 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया। पूरी खबर यहां पढ़ें…