Last Updated:
चित्रकूट का पंपापुर आश्रम, खासियत यह है कि यहां पहुंचते ही पर्यटकों को पहाड़ों, हरियाली और जंगलों के बीच शांत वातावरण का अनुभव होता है. खासकर बरसात के मौसम में इस क्षेत्र की खूबसूरती देखते ही बनती है. पहाड़ियों के बीच चारों ओर फैली हरियाली और प्राकृतिक नजारे लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. यही वजह है कि बारिश के मौसम में बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचकर प्रकृति का आनंद लेते हैं. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, पंपापुर आश्रम में कभी साधु-संत तपस्या और साधना किया करते थे.
चित्रकूटः धर्म नगरी चित्रकूट को भगवान श्रीराम की तपोस्थली के रूप में जाना जाता है. यहां धार्मिक और पौराणिक महत्व वाले कई ऐसे स्थान मौजूद हैं, जो आज भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. इन्हीं में से एक है पंपापुर आश्रम, यह देवांगना घाटी की ऊंची पहाड़ियों के बीच घने जंगलों में स्थित है. यह आश्रम प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक आस्था का अनोखा संगम है.
आप को बता दे कि पंपापुर आश्रम की खासियत यह है कि यहां पहुंचते ही पर्यटकों को पहाड़ों, हरियाली और जंगलों के बीच शांत वातावरण का अनुभव होता है. खासकर बरसात के मौसम में इस क्षेत्र की खूबसूरती देखते ही बनती है. पहाड़ियों के बीच चारों ओर फैली हरियाली और प्राकृतिक नजारे लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. यही वजह है कि बारिश के मौसम में बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचकर प्रकृति का आनंद लेते हैं. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, पंपापुर आश्रम में कभी साधु-संत तपस्या और साधना किया करते थे. बताया जाता है कि यह स्थान करीब 200 वर्ष से भी अधिक पुराना है. आज भी आश्रम परिसर में वह स्थान मौजूद है, जहां साधु-संत बैठकर तपस्या किया करते थे.
मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं
हालांकि प्राकृतिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के बावजूद पंपापुर आश्रम में अभी पर्यटकों के लिए पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. यहां बैठने की व्यवस्था, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की कमी बनी हुई है,ऐसे में इस स्थान के विकास की जरूरत लंबे समय से थी. बताया जा रहा है कि जिला प्रशासन की ओर से आश्रम में पर्यटकों की सुविधा के लिए मूलभूत सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई जा रही है. इससे आने वाले समय में यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी.
चित्रकूट की प्राचीन विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा
वही स्थानीय निवासी सत्यप्रकाश द्विवेदी ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि पंपापुर आश्रम चित्रकूट की प्राचीन विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है. एक समय यहां बड़ी संख्या में साधु-संत पहुंचकर तपस्या और साधना किया करते थे. आज भी इस स्थान से लोगों की आस्था जुड़ी हुई है.उन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि कहा कि पंपापुर आश्रम में आज भी साधु-संतों की तपस्या और साधना की परंपरा की अनुभूति होती है. जंगल और पहाड़ियों के बीच स्थित यह आश्रम श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति के साथ प्रकृति की सुंदरता का अनोखा अनुभव कराता है.यही वजह है कि चित्रकूट आने वाले पर्यटकों के लिए पंपापुर आश्रम धीरे-धीरे एक खास आकर्षण बनता जा रहा है.
About the Author
Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
और पढ़ें