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जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में कथित धांधली को लेकर छात्रों का आंदोलन 15वें दिन भी जारी रहा। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच और जेपीएससी-जेएसएससी न्याय मंच की ओर से पूरे दिन अपनी मांगों के समर्थन में सत्याग्रह किया गया। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की स्थिति दिनों-दिन बिगड़ती जा रही है। जैसे-जैसे दिन गुजर रहा है, सरकार द्वारा मांगों पर निर्णय नहीं लिए जाने से छात्रों के अंदर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इधर, शनिवार को राज्य सरकार द्वारा बनाई गई मंत्रियों की कमेटी ने चार छात्र संगठनों से वार्ता की। चारों छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने तीन मांगें कॉमन रखीं। पहला जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा सहित टीडीपीएल एजेंसी द्वारा ली गई सभी परीक्षाओं को रद्द किया जाए। दूसरा जेपीएससी-जेएसएससी में कथित धांधली की सीबीआई या हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर जांच कराई जाए। तीसरा और मुख्य मांग जेपीएससी-जेएसएससी का रिफॉर्म किया जाए। मंत्रियों के समूह ने छात्र संगठनों को उनकी उचित मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत कराने और जल्द ही ठोस निर्णय लिए जाने का भरोसा दिया। इस पर सभी छात्र संगठनों ने एक स्वर में कहा कि हमने अपनी मांगें सरकार के समक्ष पूरे प्रमाण के साथ रख दी हैं। अब सरकार के फैसले का इंतजार है। छात्र संगठनों ने ऐसे रखी मांगें…. अभ्यर्थी न्याय मंच ने रखीं 14 सूत्री मांगें अभ्यर्थी न्याय मंच ने कमेटी के समक्ष 14 सूत्री मांगें रखीं। मंच ने टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित जेपीएससी की सभी चयन परीक्षाओं की अधिसूचनाएं तत्काल रद्द कर नए सिरे से परीक्षा कराने, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द कर सीबीआई या हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित करने की मांग की। जेपीएससी 11वीं व 13वीं सिविल सेवा परीक्षा की सीबीआई जांच, जेपीएससी वन सेवा परीक्षा में उम्र सीमा में छूट और सहायक आचार्य के 26 हजार खाली पदों पर नियुक्ति की भी मांग रखी गई। इसके अलावा सभी भर्ती परीक्षाओं के श्रेणीवार कटऑफ और अभ्यर्थियों के प्राप्तांक सार्वजनिक करने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल में कमलेश चौधरी, विमल कुमार, चंदन कुमार, रामअवतार महतो, प्रेम कुमार, रवि शंकर, दीनबंधु मंडल और अमित कुमार शर्मा शामिल थे। छात्र मोर्चा ने मॉनिटरिंग सेल की मांग की झारखंड छात्र मोर्चा ने 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द कर नए सिरे से कराने, जेपीएससी 2023 और 2025 की बैकलॉग परीक्षाएं रद्द करने की मांग की। साथ ही जेपीएससी-जेएसएससी का वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी कर तय समय पर पारदर्शी तरीके से परीक्षा कराने और स्वतंत्र मॉनिटरिंग सेल गठित करने की मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल में डॉ. तारकेश्वर महतो, डॉ. अमन तिवारी, असद फेराज टिंकू व प्रेम प्रतीक शामिल थे। छात्रों ने नियोजन नीति की मांग रखी आदिवासी छात्र संघ ने जेपीएससी- जेएसएससी परीक्षाओं की उच्चस्तरीय जांच, 1932 के खतियान के आधार पर नियोजन नीति बनाने और जेपीएससी के सिलेबस में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के अंकों को अधिक और अनिवार्य करने की मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल में सुरेश टोप्पो, अमित मुंडा, अमृत मुंडा, अखिलेश पाहन, सुजीत भगत व बादल भोगता शामिल थे। फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की जाए परीक्षा रद्द करके और नए सिरे से परीक्षा लेने, जेपीएससी-जेएसएससी की ओर से प्रत्येक वर्ष वार्षिक परीक्षा का कैलेंडर जारी करने और नियत समय पर पारदर्शी तरीके से परीक्षा लेने की मांग रखी। साथ ही कहा कि जेपीएससी का रिफार्म किया जाए और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की व्यवस्था की जाए प्रतिनिधिमंडल में गौरव सिंह, शहबाज अहमद, ऋषिकेश सिंह व अन्य मौजूद थे।
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