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चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र स्थित बड़गांव में नाबालिग से दुष्कर्म और उसके बाद आरोपी युवक की मॉब लिंचिंग की घटना से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए गांव में धारा 144 लागू कर दी है। घटना 2 अगस्त की रात की बताई जा रही है, जब शौच के लिए निकली एक नाबालिग को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। 4 अगस्त को किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटकर बच्ची ने अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कथित आरोपी इमरोज को पकड़कर पीट-पीटकर मार डाला, जिससे मामला और ज्यादा गंभीर हो गया। मरांडी ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात घटना की जानकारी मिलते ही झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी बड़गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। उन्होंने इस पूरी घटना के लिए पुलिस की गंभीर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। मरांडी ने कहा कि 3 अगस्त को ही परिजनों ने बच्ची के लापता होने की सूचना थाने में दे दी थी। आरोपी पहले से ही पॉक्सो एक्ट के मामले में जमानत पर था, इसके बावजूद पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पुलिस ने तत्काल छापेमारी की होती, तो न तो यह जघन्य अपराध होता और न ही मॉब लिंचिंग की नौबत आती। पुलिस कार्रवाई पर भी उठे सवाल मरांडी ने पुलिस की कार्रवाई पर भी कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए 56 नामजद और 150 अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज कर दिया है, जिससे निर्दोष ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित बच्ची के माता-पिता को ही जेल भेज दिया गया। जबकि बच्ची को बाल सुधार गृह में रखा गया है। इस स्थिति में परिवार के बुजुर्ग और छोटे बच्चे बेसहारा हो गए हैं। मरांडी ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि निर्दोष माता-पिता को तुरंत रिहा किया जाए, बच्ची को उसके घर वापस लाया जाए और असली दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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