Last Updated:
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कांवड़ यात्रा के दौरान एक अनोखी कांवड़ चर्चा का विषय बनी हुई है. कालका से आए 26 शिवभक्तों के एक जत्थे ने हरिद्वार से ‘गौ माता कांवड़’ उठाई है. अपनी 270 किलोमीटर की इस लंबी पैदल यात्रा के दौरान ये कांवड़िए सरकार से गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने की पुरजोर मांग कर रहे हैं. इसके साथ ही, वे लोगों को गौवंश के प्रति जागरूक करते हुए अपील कर रहे हैं कि यदि वे गाय को भोजन नहीं दे सकते, तो कम से कम सड़कों पर उनके साथ दुर्व्यवहार या मारपीट न करें.
सावन महीने में हरिद्वार से जल लेकर आ रहे कांवड़ियों का उत्साह और उनके अलग-अलग रंग देखते ही बन रहे हैं. इसी कड़ी में सहारनपुर से होकर गुजर रही एक विशेष कांवड़ ने न केवल लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, बल्कि एक बड़ा सामाजिक और धार्मिक संदेश भी दिया है. कालका (हरियाणा) से आए 26 शिवभक्तों ने गौ माता के प्रति अपना अटूट प्रेम दिखाते हुए एक अनोखी ‘गौ माता कांवड़’ यात्रा निकाली है. ये कांवड़िए अपनी 270 किलोमीटर की इस कठिन यात्रा के जरिए सरकार से गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं.
गौ माता कांवड़ के साथ चल रहे शिवभक्त कमल ने बताया कि हिंदू धर्म में गाय को ‘माता’ का दर्जा दिया गया है, लेकिन आज सड़कों पर गौवंश की दुर्दशा देखकर उनका दिल रो पड़ता है. उन्होंने कहा, ‘अक्सर हम देखते हैं कि सड़कों पर बेसहारा घूम रही गौ माता को लोग खाने-पीने को देने के बजाय उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करते हैं. इसी पीड़ा को देखते हुए हमने इस बार अपनी कांवड़ यात्रा को गौ माता के प्रति जागरूकता अभियान में बदल दिया.’
इस अनोखी कांवड़ के जरिए शिवभक्तों ने सभी हिंदुओं और आम लोगों से मार्मिक अपील की है, ‘अगर आप गौ माता को खाने के लिए कुछ नहीं दे सकते, तो कम से कम उनके साथ मारपीट तो न करें. केवल गाय को गौ माता कहना ही काफी नहीं है, उनका सम्मान करना और उनके लिए आवाज उठाना हमारा सबसे बड़ा धर्म है.’
270 किलोमीटर की यात्रा, प्रशासन से भी की अपील
कालका के ये सभी 26 शिवभक्त हरिद्वार से पवित्र गंगाजल उठाकर अपनी 270 किलोमीटर लंबी यात्रा पर पैदल निकले हैं. भोले की भक्ति में डूबे ये कांवड़िए अपने गंतव्य की ओर बढ़ते हुए लगातार गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने के बैनर और तख्तियां लिए चल रहे हैं.
इसके साथ ही, शिवभक्तों ने स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार से भी एक विशेष अपील की है. उन्होंने कहा कि बेसहारा गौवंश को सड़कों पर आवारा घूमने के लिए न छोड़ा जाए, क्योंकि इससे न केवल गोवंश दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं, बल्कि आम राहगीरों को भी खतरा रहता है. शिवभक्तों का यह जत्था अपनी इस कांवड़ यात्रा के माध्यम से पूरे देश में गौ रक्षा और उनके सम्मान का एक मजबूत संदेश दे रहा है.
About the Author
सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
और पढ़ें