विश्व आदिवासी दिवस पर रविवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के जामताड़ा कोर्ट रोड स्थित आवास पर भव्य कार्यक्रम हुआ। जामताड़ा समेत आसपास के इलाकों से आदिवासी समाज के महिला-पुरुष बड़ी संख्या में पहुंचे। आदिवासी संस्कृति, एकजुटता, उत्साह के बीच समाज के वरिष्ठ लोगों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व सांसद फुरकान अंसारी रहे। डॉ. इरफान अंसारी ने जल, जंगल, जमीन के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा, झारखंड की पहचान जल, जंगल, जमीन से है। आदिवासी समाज के अधिकारों पर किसी की नजर बर्दाश्त नहीं होगी। मंत्री ने कहा, हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार राज्य के विकास के लिए काम कर रही है। आदिवासी समाज की महिलाओं की सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में भागीदारी बढ़ रही है। इसे सकारात्मक बदलाव बताया। उन्होंने कहा, जल, जंगल, जमीन, संविधान, अधिकारों की रक्षा के लिए मिलकर आवाज उठानी होगी। भाजपा के बहकावे से बचने की बात कही।जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा ने कहा, आदिवासी समाज की पहचान उसकी संस्कृति, परंपरा, प्रकृति से जुड़ी है। जल, जंगल, जमीन की रक्षा जरूरी है। संवैधानिक अधिकारों की रक्षा भी जरूरी है। उन्होंने कहा, महिलाओं की बढ़ती भागीदारी बदलाव का संकेत है। कार्यक्रम में महिलाओं की बड़ी भागीदारी रही। साड़ी भेंट से कार्यक्रम की भव्यता बढ़ी। आयोजन के जरिए अधिकार, संस्कृति, परंपरा, लोकतांत्रिक भागीदारी को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया।पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने कहा, झारखंड आदिवासियों की धरती है। अधिकारों की रक्षा सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने समाज से संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने को कहा। एसआईआर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का जिक्र किया। मतदाता सूची को लेकर सतर्क रहने की अपील की। कहा, हर मतदाता यह सुनिश्चित करे कि उसका नाम सूची में दर्ज है। नाम में दिक्कत हो तो तुरंत संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को जानकारी दें।
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