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‘हम देते 1 रुपया, लौटते हैं सिर्फ 26 पैसे!’ राज्यसभा में तमिलनाडु...


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टैक्स, कर्ज और मेकेदातु बांध… राज्यसभा में तमिलनाडु के नाम पर भिड़े DMK-AIADMK

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Rajya Sabha News: राज्यसभा में कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान तमिलनाडु के दो प्रतिद्वंद्वी दलों- द्रमुक और अन्नाद्रमुक- के बीच तीखी नोंकझोंक देखने को मिली. द्रमुक सांसद पी. विल्सन ने टैक्स बंटवारे में राज्य के साथ भेदभाव और मेकेदातु बांध विवाद पर न्यायाधिकरण न बनाने को लेकर केंद्र सरकार को घेरा. इसके जवाब में अन्नाद्रमुक नेता एम. थंबीदुरै ने विधेयक का समर्थन करते हुए पलटवार किया.

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टैक्स, कर्ज और मेकेदातु बांध… राज्यसभा में तमिलनाडु के नाम पर भिड़े DMK-AIADMKZoom

राज्यसभा में तमिलनाडु पर डीएमके और एआईएडीएमके में जोरदार बहस हुई. (फाइल फोटो)

Rajya Sabha DMK vs AIADMK: राज्यसभा में सोमवार को तमिलनाडु से जुड़े मुद्दों पर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के सदस्यों के बीच तीखी नोंकझोंक हुई. तमिलनाडु के दोनों इन दलों के बीच यह नोकझोंक कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026 पर उच्च सदन में चर्चा के दौरान हुई. चर्चा के दौरान द्रमुक सदस्य पी. विल्सन ने कहा, “तमिलनाडु राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 9 प्रतिशत का योगदान देता है, जबकि इसकी आबादी कुल आबादी का 6 प्रतिशत है. निवेश के हर 1 रुपये पर हमें केवल 26 पैसे (वापस) मिल रहे हैं…”

उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक सरकार मेकेदातु बांध बना रही है और तमिलनाडु के तत्कालीन मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने 4 मार्च 2026 को एक पत्र लिखकर कर्नाटक सरकार से मेकेदातु बांध का निर्माण नहीं करने का अनुरोध किया था और एक न्यायाधिकरण के गठन की मांग की थी, जिसका गठन अभी तक नहीं किया गया है.

उन्होंने सवाल किया कि जब तमिलनाडु के लोग केंद्र सरकार को कर चुका रहे हैं, तो न्यायाधिकरण के गठन में क्या कठिनाई है? विधेयक का समर्थन करते हुए, अन्नाद्रमुक के एम. थंबीदुरै ने कहा, “मैं वित्त मंत्री (निर्मला सीतारमण) से जानना चाहता हूं कि द्रमुक शासन के दौरान, तत्कालीन मुख्यमंत्री स्टालिन कई वैश्विक कार्यक्रमों में गए, यहां निवेश के लिए कितना पैसा आया जिससे तमिलनाडु को लाभ हुआ.”

थंबीदुरै ने आरोप लगाया कि द्रमुक नीत सरकार के कार्यकाल के दौरान तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान उठाना पड़ा और राज्य पर लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…

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