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झारखंड सरकार के उद्योग मंत्री और गोड्डा विधायक संजय प्रसाद यादव मंगलवार को भागलपुर एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए। ये मामला वर्ष 2009 के आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ा है। अदालत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत कर मामले और कोर्ट की कार्रवाई पर स्पष्टीकरण दिया। मंत्री संजय यादव ने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ कोई नया वारंट जारी नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि न्यायालय ने मामले की सुनवाई के दौरान लगातार अनुपस्थित रहने वाले गवाह के खिलाफ वारंट जारी किया है। उन्होंने न्यायपालिका के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि वे अदालत के निर्देशानुसार हर कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करते हैं। एमपी-एमएलए कोर्ट पहुंचे मंत्री की 2 तस्वीरें संजय यादव ने खुद बताया, क्या था मामला संजय यादव ने जानकारी दी कि यह मामला 2009 का है। उस समय ढाका मोड़ स्थित उनके आवासीय परिसर में वर्षों पुरानी परंपरा के तहत चैती दुर्गा पूजा का आयोजन किया गया था। उसी दौरान चुनाव की घोषणा के कारण आचार संहिता लागू थी। पूजा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने को आधार बनाकर उनके खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था। मंत्री ने दावा किया कि यह कोई राजनीतिक या चुनावी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक पारिवारिक और धार्मिक परंपरा के तहत आयोजित पूजा थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों ने उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से इस धार्मिक आयोजन को चुनावी गतिविधि से जोड़ा। मंत्री ने यह भी बताया कि 2009 में दर्ज इस मामले की उन्हें उस समय जानकारी नहीं थी। यह मामला अब अदालत में विचाराधीन है और इसकी सुनवाई ‘स्पीड ट्रायल’ के तहत चल रही है। गवाह के खिलाफ वारंट, 3 सितंबर को अगली सुनवाई मामले में अदालत की कार्रवाई को लेकर अधिवक्ता नारायण पाठक ने बताया कि मुकदमे में कुल छह गवाह थे। इनमें से चार गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है, जबकि एक गवाह की मृत्यु हो चुकी है। अब केवल सूचक (इन्फॉर्मेंट) की गवाही बाकी है। अधिवक्ता के अनुसार, गवाह को अदालत की ओर से सम्मन भेजे जाने के बावजूद वह उपस्थित नहीं हुआ। लगातार गैर-हाजिरी को देखते हुए न्यायालय ने गवाह के खिलाफ वारंट जारी करने का आदेश दिया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 3 सितंबर की तारीख निर्धारित की है। अधिवक्ता ने उम्मीद जताई कि अगली सुनवाई में संबंधित गवाह अदालत के समक्ष उपस्थित होकर अपनी गवाही दर्ज कराएगा। मंत्री संजय यादव ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वारंट उनके खिलाफ नहीं, बल्कि लगातार अनुपस्थित रहने वाले गवाह के खिलाफ जारी हुआ है। उन्होंने कहा कि वह न्यायपालिका का सम्मान करते हैं और आगे भी अदालत की प्रक्रिया में पूरा सहयोग करते रहेंगे।
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