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लखीमपुर में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तिरंगे बनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं. उन्हें घर बैठे रोजगार मिल रहा है, जिससे उनकी आय बढ़ रही है. महिलाएं अपने घरों में बैठकर कपड़े की कटिंग, सिलाई, किनारों की फिनिशिंग और तिरंगे को अंतिम रूप देने का काम कर रही हैं. काम को समूह के स्तर पर बांटकर पूरा किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार मिल सके. इससे महिलाओं को घर से दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ती और वे परिवार की जिम्मेदारियों के साथ रोजगार भी कर पा रही हैं. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिले में इस बार साढ़े तीन लाख से अधिक तिरंगे फहराने की तैयारी शुरू हो गई है.
लखीमपुरः उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं अब सिर्फ घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने हुनर के दम पर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. जिले में इन दिनों स्वयं सहायता समूह की महिलाएं देशभक्ति की भावना से जुड़े तिरंगे तैयार करने में जुटी हुई हैं. घर बैठे तिरंगा बनाने का काम मिलने से महिलाओं को रोजगार का अवसर मिला है और उनकी आमदनी में भी इजाफा हो रहा है.
स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. इसका असर अब गांवों में साफ दिखाई देने लगा है. पहले जिन महिलाओं के पास रोजगार के सीमित साधन थे, वे अब समूह से जुड़कर अलग-अलग प्रकार के उत्पाद तैयार कर रही हैं. इसी क्रम में तिरंगा बनाने का काम भी महिलाओं के लिए आय का एक बेहतर जरिया बन गया है.
3.5 लाख तिरंगा फहराने की तैयारी
महिलाएं अपने घरों में बैठकर कपड़े की कटिंग, सिलाई, किनारों की फिनिशिंग और तिरंगे को अंतिम रूप देने का काम कर रही हैं. काम को समूह के स्तर पर बांटकर पूरा किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार मिल सके. इससे महिलाओं को घर से दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ती और वे परिवार की जिम्मेदारियों के साथ रोजगार भी कर पा रही हैं. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिले में इस बार साढ़े तीन लाख से अधिक तिरंगे फहराने की तैयारी शुरू हो गई है. प्रशासन ने सभी विकास खंडों और नगर निकायों को राष्ट्रीय ध्वज तैयार करने का लक्ष्य सौंपा है. ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उत्साह के साथ तिरंगे तैयार कर रही हैं. ये झंडे 13 से 15 अगस्त तक चलने वाले हर घर तिरंगा अभियान के तहत घर-घर लगाए जाएंगे.
13 अगस्त से तिरंगा अभियान शुरू
प्रशासन ने ब्लाक स्तर पर ढाई लाख और नगर निकायों के लिए 99 हजार तिरंगे तैयार कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है. महिलाओं की भागीदारी से अभियान को रोजगार और राष्ट्रभक्ति से जोड़ा गया है. उपायुक्त एनआरएलएम जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि प्रत्येक विकास खंड को लगभग 16,600 तिरंगे तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है. तैयार किए गए प्रत्येक तिरंगे की खरीद 20 रुपये प्रति झंडा की दर से की जाएगी. 13 अगस्त से हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत होगी, जो 15 अगस्त तक चलेगा. इस दौरान सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और आम नागरिकों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया जाएगा. अभियान का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस के प्रति जनभागीदारी बढ़ाना और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना है.
घर बैठे मिल रहा रोजगार
बातचीत करते हुए स्वयं सहायता समूह की महिला रिंकी देवी बताते हैं वर्ष 2021 में वह स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई है. 5 साल में उनकी किस्मत बदल गई है. इस समय उनके समूह में कुल 11 महिलाएं हैं जो तिरंगा झंडा तैयार कर रही हैं. अगर बात की जाए तो 1 घंटे में करीब 30 तिरंगा झंडा तैयार हो जाते हैं. स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ₹2 झंडा के हिसाब से दिया जा रहा है. जिससे उन्हें घर बैठे ही रोजगार मिल गया है और स्वयं सहायता समूह से जुड़कर उनकी किस्मत बदल गई है.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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