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Ranchi student protest: झारखंड में परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है. छात्र नेता पीयूष ने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अभी कई बड़ी मांगें बाकी हैं. उन्होंने JSSC CGL समेत कई परीक्षाओं को रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच की मांग की. पीयूष ने यह भी बताया कि रात करीब 12 बजे प्रदर्शन स्थल पर भारी पुलिस बल पहुंचा था. छात्रों ने इस पर सवाल उठाए.
पीयूष ने बताईं छात्रों की मांगें
Ranchi student protest: झारखंड में परिक्षाओं को लेकर छात्रों का प्रदर्शन जारी है. एक तरफ सरकार का दावा है कि प्रदर्शन स्थल पर किसी तरह की जबरदस्ती नहीं हो रही है. यहां तक की छात्रों की ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं. वहीं प्रदर्शनकारी छात्र नेता पीयूष इस दावे से सहमत नहीं है. उन्होंने कहा कि अभी भी कई बड़ी मांगे पूरी नहीं हुई है. इसी मुद्दे पर छात्र प्रतिनिधि से सीधी बातचीत में जब पूछा गया कि आखिर मौके पर उनके साथ क्या हो रहा है, तो उन्होंने सरकार के दावों पर खुलकर जवाब दिया.
छात्र नेता पीयूष ने कहा कि केवल कुछ परीक्षाओं को रद्द करने से आंदोलन खत्म नहीं होता. कई परीक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सबसे बड़ी मांग JSSC CGL को लेकर है. जिन परीक्षाओं में गड़बड़ियां हुईं हैं उन सभी को रद्द किया जाना चाहिए. इनमें JPSC CDPO, FSO, AC, FRO, Regular APP, Backlog APP और Civil Judge जैसी परीक्षाएं शामिल हैं. सिर्फ JPSC की प्रीलिम्स और बैकलॉग परीक्षा रद्द करने से बात नहीं बनेगी.
आगे उन्होंने कहा कि हमने पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है. उनका कहना है कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए. साथ ही जांच के नाम पर मामला सालों तक नहीं खिंचना चाहिए. छात्रों ने मांग रखी है कि 90 दिनों के अंदर जांच के बाद कार्रवाई होनी चाहिए.
आधी रात को पहुंची भारी पुलिस फोर्स
पीयूष के मुताबिक, रात करीब 12 बजे भारी संख्या में पुलिस बल वहां पहुंची. प्रशासन की ओर से बताया गया कि बातचीत के लिए टीम पहुंची थी. साथ ही कुछ अराजक तत्वों के आंदोलन में शामिल होने की सूचना की बात कही गई. छात्रों ने सवाल उठाया कि बातचीत के लिए इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल की जरूरत क्यों पड़ी. उनका कहना है कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है.
आंदोलन खराब कर सकते हैं
पीयूष ने कहा कि अगर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं, तो कुछ लोग आंदोलन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं. हालांकि उन्होंने साफ किया कि सभी छात्रों को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने कहा कि अगर ऐसे लोग मौजूद हैं, तो प्रशासन उन्हें चिन्हित करे.
फिलहाल छात्रों और प्रशासन के बीच गतिरोध बना हुआ है. छात्र अपनी मांगों पर कायम हैं. वहीं प्रशासन की ओर से बातचीत और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं.
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