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Palamu News: कौड़िया पंचायत की महिलाओं को निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं. यह प्रशिक्षण उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करा रहा है. यहां तीन महीने की ट्रेनिंग दी जाती है.
पलामू. आज के दौर में महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं. सरकार और विभिन्न संस्थाओं की ओर से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई तरह की योजनाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. इसी कड़ी में कौड़िया पंचायत की महिलाओं को निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण के जरिए महिलाओं को सिलाई के हुनर से जोड़कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है.
सिखाए जाते हैं कई तरह के कपड़े बनाना
दरअसल, कौड़िया पंचायत की रहने वाली ट्रेनर किरण देवी ने बताया कि एसबीआई फाउंडेशन के माध्यम से एडेंट संस्था द्वारा महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण पूरी तरह निशुल्क है. इसमें महिलाओं को सिलाई के साथ-साथ कपड़ों की डिजाइनिंग और अलग-अलग तरह के परिधान तैयार करने का हुनर सिखाया जा रहा है. प्रशिक्षण में ब्लाउज, सूट, लहंगा, पेटीकोट सहित विभिन्न प्रकार के कपड़े तैयार करने की जानकारी दी जाती है.
3 महीने की ट्रेनिंग होती है
ट्रेनिंग दे रही किरण देवी ने लोकल18 को बताया कि प्रशिक्षण की अवधि तीन महीने की है. इस दौरान महिलाओं को सिलाई से जुड़ी बारीकियों से लेकर कपड़े तैयार करने तक की पूरी जानकारी दी जाती है. अब तक 46 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर प्रमाण पत्र दिया जा चुका है. वर्तमान में करीब 20 महिलाएं प्रशिक्षण ले रही हैं. मौजूदा बैच का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद नए बैच की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा.
आगे कहा कि प्रशिक्षण की खास बात यह है कि इसे लेने के बाद महिलाएं रोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. कई महिलाओं ने प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अपनी सिलाई की दुकान शुरू कर दी है, जबकि कई महिलाएं दुकान खोलने की तैयारी में हैं. प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अवसर मिल रहा है.
सिलाई सीखकर करेंगी कई तरह के काम
प्रशिक्षण ले रही नीतू कुमारी ने आगे बताया कि वह कौड़िया की रहने वाली हैं और यहीं से सिलाई का प्रशिक्षण ले रही हैं. उन्होंने कहा कि पहले वह घर में ही रहती थीं, लेकिन अब प्रशिक्षण के जरिए उन्हें नया हुनर सीखने का अवसर मिला है. प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वह अपनी दुकान खोलना चाहती हैं. यहां महिलाओं को सिलाई बहुत अच्छे तरीके से सिखाई जा रही है. उन्होंने बताया कि सिलाई सीखने के बाद फैशन डिजाइनिंग सहित कई तरह के काम और व्यवसाय किए जा सकते हैं.
आगे कहा कि महिलाओं को इस तरह का निशुल्क प्रशिक्षण मिलने से उनमें आत्मनिर्भर बनने का उत्साह बढ़ रहा है. प्रशिक्षण के जरिए महिलाएं हुनर सीखकर रोजगार से जुड़ रही हैं और स्वरोजगार की ओर कदम बढ़ा रही हैं. इससे आने वाले समय में कौड़िया पंचायत की और भी महिलाएं सिलाई के क्षेत्र में अपना व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं.
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Raina Shukla is an experienced journalist and content professional with nearly two decades of experience in print and digital media. She holds a Master’s degree in Mass Communication and Journalism from Bundelk…
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