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JPSC-JSSC Student Protest: झारखंड में लगातार 24 दिनों से विरोध-प्रदर्शन करने वाले छात्रों के सामने आखिरकार हेमंत सोरेन सरकार को झुकना पड़ा है. प्रदेश सरकार ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की है. झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की ओर से आयोजित सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा को पहले ही रद्द करने का ऐलान कर दिया था.
झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने छात्रों की मांग को मानते हुए JSSC की परीक्षा रद्द करने का ऐलान किया है. (फोटो: PTI)
JPSC-JSSC Student Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में धांधली के मुद्दे ने देशभर के नीति-निर्माताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है. परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक ने देश के युवाओं एवं छात्रों के धैर्य की बांध तोड़ दी है. अब वे इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं. पहले दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक को लेकर छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया. सरकार ने एक महीने से ज्यादा वक्त के इंतजार के बाद रिफॉर्मेटिव स्टेप्स उठाया. छात्रों की मांग को मानते हुए एंटी पेपर लीक कानून को और सख्त किया गया. दिल्ली में छात्रों का गुस्सा शांत होते ही झारखंड के छात्र आंदोलित हो गए. छात्रों ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की ओर से आयोजित सिविल सर्विसेज की प्रारंभिक परीक्षा और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में धांधली का आरोप लगाते हुए उसे रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन करने लगे. आंदोलन के 23 दिन बीतने के बाद 24वें दिन झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने जेएसएससी परीक्षा को रद्द करने का ऐलान किया. इससे प्रदर्शनकारी छात्रों में जोश और उत्साह तो है, लेकिन विरोध करने वाले छात्रों का एक गुट मामले की जांच सीबीआई से कराने की डिमांड पर अड़े हैं. हालांकि, सरकार मामले की सीआईडी जांच करवा रही है. दूसरी तरफ, अनशन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने भूख हड़ताल समाप्त कर दी है, जिससे झारखंड सरकार ने राहत की सांस ली है.
झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा को लेकर कई हफ्तों से चल रहा छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों का आंदोलन आखिरकार सरकार के बड़े फैसले के बाद समाप्ति की ओर बढ़ गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 17 अगस्त को विवादित JSSC-CGL परीक्षा और निजी भर्ती एजेंसी TDPL से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को पूरी तरह रद्द करने की घोषणा की. आंदोलन की शुरुआत 25 से 29 जुलाई के बीच रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने से हुई थी. छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और पूरे मामले की CBI जांच की मांग कर रहे थे. 2 से 6 अगस्त के बीच आंदोलन और तेज हुआ तथा कई छात्र नेताओं ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी. इसी दौरान CID ने संबंधित अधिकारियों से पूछताछ शुरू की और राज्य सरकार ने छात्रों से बातचीत के लिए एक संवाद समिति गठित की.
विधानसभा मार्च के दौरान पुलिसिया कार्रवाई से बढ़ा आक्रोश
10 अगस्त को हजारों छात्रों ने विधानसभा की ओर मार्च किया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पानी की बौछार, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया. कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए, जबकि भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. इससे पहले अनशन पर बैठे छात्र राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ गई थी. उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया. पुलिस कार्रवाई के विरोध में BJP ने 11 अगस्त को राज्यव्यापी बंद बुलाया. इसके बाद 15 से 17 अगस्त के बीच भूख हड़ताल कर रहे नेताओं की बिगड़ती सेहत और बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने आंदोलनकारी प्रतिनिधियों को औपचारिक बातचीत के लिए बुलाया. आखिरकार 17 अगस्त को मुख्यमंत्री की ओर से परीक्षा और TDPL से जुड़ी पूरी प्रक्रिया रद्द करने की घोषणा की गई.TDPL ही वह एजेंसी है, जिसे झारखंड सरकार ने परीक्षा आयोजित कराने की जिम्मेदारी दी थी. इस एजेंसी से कभी जुड़े रहे अभय तिवारी (जो अब झारखंड सरकार में अधिकारी हैं) पर भी गंभीर आरोप लगे हैं. उनके खिलाफ एक्शन लिया गया है.
देवेंद्र नाथ महतो ने तोड़ा अनशन
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो समेत अनशन पर बैठे अन्य छात्रों ने अनशन तोड़ दिया है. देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि सरकार ने छात्रों की बड़ी मांगों को स्वीकार किया है. उन्होंने कहा कि छात्रों ने लंबे समय तक अपनी मांगों को लेकर संघर्ष किया और अब सरकार की ओर से महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है. इसी को देखते हुए JLKM ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित करने का फैसला लिया है. वहीं, प्रदर्शनकारी छात्रों के एक अन्य गुट रिफॉर्म्स मंच की ओर से अनशन पर बैठीं हबीबा और राहुल क्रांति का भी अनशन समाप्त कराया गया. हालांकि, रिफॉर्म्स मंच की ओर से आंदोलन को पूरी तरह समाप्त करने को लेकर सहमति नहीं जताई गयी.
…फिर भी छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे
JPSC सिविल सर्विसेज की प्रारंभिक परीक्षा के बाद झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से आयोजित परीक्षा को भी रद्द कर दिया गया है. जेपीएससी परीक्षा को पहले ही रद्द करने की घोषणा कर दी गई थी. उसके बाद भी झारखंड भर के छात्र प्रदर्शन करते रहे. अनशन चलता रहा. प्रदर्शनकारी JSSC परीक्षा को रद्द करने की मांग पर अड़े रहे. अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेने ने JSSC एग्जाम को भी रद्द करने की घोषणा कर दी. इसके बाद भी छात्र अभी तक रांची के जंतर-मंतर पर छात्र डटे हुए हैं. दरअसल, छात्रों के एक अन्य गुट रिफॉर्म्स मंच ने आंदोलन को पूरी तरह से खत्म करने से इनकार कर दिया. हबीबा और राहुल क्रांति की अगुआई वाला यह संगठन परीक्षाओं में धांधली की सीबीआई से जांच कराने की मांग कर रहा है.
अभी तक क्या कार्रवाई
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी छात्रों के आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने कई अहम फैसले किए हैं. सरकार ने जेएसएससी-सीजीएल, 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के साथ 2023 और 2025 की बैकलॉग परीक्षाएं रद्द करने का फैसला किया है. इसके अलावा टीडीपीएल के जरिए कराई जाने वाली सभी भर्ती परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं. सरकार ने वर्ष 2014 से अब तक हुई भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं. परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में विशेष परीक्षा सुधार समिति गठित की गई है. झारखंड लोक सेवा आयोग के तीन सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है. सरकार ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से परीक्षा व्यवस्था में सुधार के सुझाव लेने के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है. इसके अलावा मास्टरमाइंड माने जा रहे अभय तिवारी समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…
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