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बरेली का अगस्त्य मुनि आश्रम एक बार फिर अंतरधार्मिक विवाह और धर्म परिवर्तन को लेकर चर्चा में है. आश्रम के आचार्य पंडित केके शंखधार के अनुसार, वर्ष 2013 से वह ऐसे जोड़ों का विवाह संस्कार करा रहे हैं.जो अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाकर विवाह करना चाहते हैं. उनके दावे के मुताबिक अब तक 500 से अधिक मुस्लिम युवतियों का धर्म परिवर्तन कराने के बाद हिंदू युवकों से विवाह कराया जा चुका है.
बरेली: बरेली का अगस्त्य मुनि आश्रम एक बार फिर अंतरधार्मिक विवाह और धर्म परिवर्तन को लेकर चर्चा में है. आश्रम के आचार्य पंडित केके शंखधार के अनुसार, वर्ष 2013 से वह ऐसे जोड़ों का विवाह संस्कार करा रहे हैं.जो अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाकर विवाह करना चाहते हैं. उनके दावे के मुताबिक अब तक 500 से अधिक मुस्लिम युवतियों का धर्म परिवर्तन कराने के बाद हिंदू युवकों से विवाह कराया जा चुका है.
पंडित केके शंखधार का कहना है. कि ऐसे जोड़े सोशल मीडिया, फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप, गूगल और मीडिया के माध्यम से आश्रम से संपर्क करते हैं. उनका दावा है कि विवाह से पहले दोनों पक्षों की उम्र और जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाती है. इसके बाद युवती की सहमति से शपथ पत्र लिया जाता हैं और वैदिक रीति-रिवाज से विवाह संपन्न कराया जाता है.
सोशल मीडिया के माध्यम से करते हैं संपर्क
पंडित शंखधार बताते हैं कि उन्हें इस कार्य की प्रेरणा सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार से मिली. उनका कहना है कि हर व्यक्ति को अपनी धार्मिक मान्यताओं का पालन और प्रचार करने का संवैधानिक अधिकार है. हालांकि धर्म परिवर्तन और अंतरधार्मिक विवाह जैसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पालन बेहद महत्वपूर्ण है. पंडित केके शंखधार जो भी लोग हमारे पास आते हैं, वे सोशल मीडिया, गूगल, फेसबुक, ब्लॉग, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क करते हैं. कई लोगों को मीडिया के माध्यम से भी हमारे बारे में जानकारी मिलती है. कई बार अनजान नंबरों से धमकी भरे फोन आए हैं. लेकिन मैं ऐसी धमकियों से डरता नहीं हूं, भगवान शिव की कृपा से मैं अपना काम करता रहूंगा.
लग चुके हैं धर्म परिवर्त के आरोप
पंडित शंखधार का दावा है कि उनके पास आने वाली युवतियां अपनी परिस्थितियों के बारे में बताती हैं और अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन तथा विवाह का निर्णय लेती हैं. उनका कहना है कि कानूनी दस्तावेजों और आयु प्रमाणपत्रों की जांच के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाती है. हालांकि अगस्त 2024 में एक युवती की शिकायत के बाद पंडित शंखधार पर जबरन धर्म परिवर्तन और विवाह कराने के आरोप भी लगे थे. इन आरोपों को उन्होंने खारिज किया था और कहा था कि वह केवल बालिग और रजामंद जोड़ों का ही विवाह कराते हैं. फिलहाल अगस्त्य मुनि आश्रम में होने वाले ये विवाह बरेली में धार्मिक, सामाजिक और कानूनी बहस का विषय बने हुए हैं।
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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