झारखंड सरकार ने JPSC-JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 22 परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। इनमें JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा और JSSC-CGL परीक्षा भी शामिल है। इसके अलाव
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वहीं, 17 अन्य परीक्षाओं में अनियमितता के आरोपों की भी सीआईडी जांच कराने का निर्णय लिया गया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग के सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो ने मंगलवार देर रात इससे संबंधित अधिसूचना जारी की। अधिसूचना के अनुसार वर्ष 2010 की कॉमर्शियल टैक्स (सीमित) परीक्षा से लेकर अब तक कुल 45 परीक्षाएं इस कार्रवाई के दायरे में आ गई हैं।
चार परीक्षाओं से नियुक्त 2394 नौकरियां खत्म
रद्द की गई 22 परीक्षाओं में से चार परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया संपन्न हो चुकी थी। इनके आधार पर 2394 अधिकारी विभिन्न विभागों में कार्यरत थे। सरकार के फैसले के बाद इन सभी अधिकारियों की नियुक्तियां समाप्त मानी जाएंगी। इससे प्रशासनिक और व्यक्तिगत स्तर पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है।

दूसरी ओर, लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में जनता और युवाओं का विश्वास बहाल करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट और निगरानी कोषांग बनाने की तैयारी
सरकार अब जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का आग्रह करेगी। इसके साथ ही दोनों आयोगों में आंतरिक निगरानी कोषांग स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
इससे भविष्य में भर्ती प्रक्रियाओं की लगातार निगरानी हो सके और अनियमितताओं को समय रहते रोका जा सके। सरकार की इस कार्रवाई को राज्य की भर्ती व्यवस्था में बड़े सुधार और जवाबदेही की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

परीक्षा सुधार के लिए भी 3 फैसले
फास्ट ट्रैक कोर्ट : जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़ी अनियमितता और कदाचार के मामलों की सुनवाई के लिए सरकार हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का आग्रह करेगी, ताकि ऐसे मामलों की सुनवाई तेजी से पूरी हो सके।
इंटरनल मॉनिटरिंग सेल : जेपीएससी और जेएसएससी में इंटरनल मॉनिटरिंग सेल बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य दोनों आयोगों की परीक्षा प्रक्रिया में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों पर आंतरिक स्तर पर नजर रखना होगा।
परीक्षा सुधार कमेटी : परीक्षा रिफॉर्म के लिए आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। कमेटी में अन्य अधिकारियों के साथ प्रतिष्ठित संस्थान के निदेशक को सदस्य बनाया जाएगा। इसे दो माह में अपनी रिपोर्ट सरकार को देनी होगी।