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रांची में JSSC CGL परीक्षा रद्द होने के विरोध में सफल अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है. बुधवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन के अंदर घुस गए और सड़क पर प्रदर्शन किया. अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने मेहनत से परीक्षा पास की और कई लोग सरकारी विभागों में काम कर रहे हैं. उन्हें नौकरी जाने का डर है. उन्होंने सरकार से नियुक्ति बहाल करने की मांग की है.
सरकार के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन
रांची: झारखंड में JSSC CGL परीक्षा रद्द किए जाने का विरोध तेज हो गया है. परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों ने बुधवार को रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में घुसकर प्रदर्शन किया. अभ्यर्थियों ने गेट पर नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताया. अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. परीक्षा में सफल होने के बाद कई अभ्यर्थी अलग-अलग सरकारी विभागों में काम भी कर रहे हैं. अब परीक्षा रद्द होने के फैसले से उन्हें नौकरी जाने का डर सता रहा है.
अभ्यर्थियों के मुताबिक उन्होंने करीब 12 साल की मेहनत के बाद JSSC CGL परीक्षा पास की है. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी थी. इसके बाद मामला कोर्ट में पहुंचा. अभ्यर्थियों का दावा है कि कोर्ट के आदेश के बाद ही नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ी थी. अभ्यर्थियों ने सरकार से सवाल किया कि अगर परीक्षा में अनियमितता हुई है तो दोषियों की पहचान की जाए. उनका कहना है कि गलत लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए. सभी सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति रद्द करना सही नहीं है. प्रदर्शन कर रहे एक अभ्यर्थी ने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि परीक्षा में गड़बड़ी के लिए कौन जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि दोषियों को सजा दी जाए, लेकिन निर्दोष अभ्यर्थियों को सजा नहीं मिलनी चाहिए.
पहले गेट के बाहर किया प्रदर्शन
बुधवार सुबह से ही सफल अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे. वे सरकार से अपना फैसला वापस लेने की मांग कर रहे थे. बारिश के बीच भी अभ्यर्थी सड़क पर डटे रहे. अभ्यर्थियों का आरोप है कि उनके लिए लगाया जा रहा टेंट रात में हटा दिया गया. उनका कहना है कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं. ऐसे में उन्हें बारिश से बचने के लिए टेंट की जरूरत है.
अचानक प्रोजेक्ट भवन के अंदर पहुंचे
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन के गेट के पास पहुंच गए. इसके बाद कुछ अभ्यर्थी गेट के अंदर चले गए. देखते ही देखते बड़ी संख्या में सफल अभ्यर्थी भवन के अंदर पहुंच गए.अभ्यर्थियों ने प्रोजेक्ट भवन के अंदर सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. वहां सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई. एक अभ्यर्थी ने कहा, “हमने अपनी मेहनत से नौकरी हासिल की है. हमें जबरन बाहर किया गया है. हम अपना हक लेने आए हैं.”
सरकार के फैसले का विरोध
बता दें कि झारखंड सरकार ने 18 अगस्त की रात 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था. सरकार ने यह फैसला CID जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और परीक्षाओं में अनियमितता की शिकायतों के आधार पर लिया है. इस फैसले के बाद सफल अभ्यर्थियों का विरोध लगातार बढ़ रहा है. अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर किसी परीक्षा में गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच होनी चाहिए. दोषियों को चिन्हित किया जाना चाहिए. लेकिन सभी सफल अभ्यर्थियों को इसका खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए.