भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

UPSC CSE Mains 2026 Essay Paper Analysis: ‘जब दो हाथी लड़ते हैं...


नई दिल्ली (UPSC CSE Mains 2026 Essay Paper Analysis). संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2026 की शुरुआत निबंध के पेपर के साथ हो चुकी है. देशभर के लाखों युवाओं की निगाहें इसी पर टिकी थीं कि आयोग एस्पिरेंट्स की सोच को परखने के लिए कैसे सवाल पूछेगा. इस बार निबंध के टॉपिक्स काफी गहरे, संतुलित और दार्शनिक दृष्टिकोण वाला रहा. इसमें न सिर्फ उम्मीदवार के ज्ञान की, बल्कि उसके चिंतन, नैतिक मूल्य और मौलिक सोच की भी असली परीक्षा ली गई.

यूपीएससी मेंस पेपर दो खंडों में बंटा हुआ था. दोनों ही सेक्शन में जीवन के दर्शन, पर्यावरण, प्रशासन, नैतिकता, लीडरशिप और मानवीय स्वभाव से जुड़े बेहद अर्थपूर्ण विषय दिए गए थे. खास बात थी कि सवाल दिखने में जितने छोटे और सीधे थे, उनके जवाब के लिए उतनी ही Multidimensional सोच की जरूरत थी. जानिए यूपीएससी के इस पेपर में कौन-कौन से टॉपिक पूछे गए और देश के दिग्गज सिविल सेवा कोचिंग एक्सपर्ट्स का इस पर क्या कहना है.

UPSC Mains 2026 Essay Paper: 8 मुख्य टॉपिक क्या थे?

यूपीएससी परीक्षा केंद्र से बाहर आते ही मेंस प्रश्न पत्र में दिए गए टॉपिक चर्चा का विषय बन गए. दोनों खंडों को मिलाकर कुल 8 टॉपिक्स दिए गए थे, जिनमें से अभ्यर्थियों को हर खंड से 1-1 टॉपिक चुनकर निबंध लिखना था:

सेक्शन ए: मानवीय मूल्य और अस्तित्व की हकीकत

  1. विरोधाभास जीवन की विडंबनाओं को दर्शाते हैं (Oxymorons reflect the ironies of life.)
  2. एक कृतज्ञ मन अति सुंदर होता है (A grateful mind is very beautiful.)
  3. कांटा, कली का बदला हुआ रूप है (A thorn is a changed bud.)
  4. जब दो हाथी लड़ते हैं, तब घास ही रौंदी जाती है (When two elephants fight, it is the grass that gets trampled.)

खंड B (Section B): शासन, नैतिकता और ज्ञान शास्त्र

  1. प्रकृति ही जीवात्मा का प्रतीक है (Nature is the symbol of the spirit.)
  2. एक अच्छे शिक्षित दिमाग में, हमेशा उत्तर से अधिक प्रश्न होंगे (A well-educated mind will always have more questions than answers.)
  3. कठोर निर्णयों को टालना सबसे कम नैतिक मार्ग है (Shelving hard decisions is the least ethical course.)
  4. उत्तम नेता वह है जो अपने अनुयायियों का अनुसरण करता है (A good leader is one who follows the followers.)

‘रोजमर्रा की जिंदगी और मूल्यों से जुड़ा बैलेंस्ड पेपर’

पेपर के ओवरऑल स्ट्रक्चर पर बात करते हुए NEXT IAS के सीएमडी बी. सिंह का कहना है कि 2026 का निबंध पेपर दार्शनिक होने के बावजूद काफी हद तक संतुलित और आसानी से हल करने लायक था. दोनों खंडों के बीच बेहतरीन तालमेल देखा गया. उनका मानना है कि इस बार के विषय रोजमर्रा की जिंदगी, मानवीय मूल्यों और आत्मचिंतन से जुड़े हुए थे. साथ ही इनमें एथिक्स, लीडरशिप और निर्णय लेने की क्षमता जैसी प्रशासनिक बातें भी शामिल थीं.

कृतज्ञता, संघर्ष, प्रकृति, कठिन निर्णय और नेतृत्व जैसे विषयों ने उम्मीदवारों को समाज, शासन और व्यक्तिगत अनुभवों से उदाहरण देने का पूरा मौका दिया. यूपीएससी मेंस पेपर में किसी भारी-भरकम या कठिन ज्ञान की जरूरत नहीं थी. इसमें बस यह देखा गया कि उम्मीदवार कितना साफ और गहरा सोचते हैं. उस सोच के साथ वह अपने विचारों को समाज और प्रशासन से कितनी अच्छी तरह जोड़ पाते हैं.

‘सोच और शासन का सही तालमेल’

वाजीराम एंड रवि के सीओओ चिंटू जॉली के मुताबिक, यह पेपर गहराई से सोचने पर मजबूर करने वाला और बिल्कुल दार्शनिक था. उनके अनुसार, यह हमारी सोच और सरकारी कामकाज के बीच पुल की तरह काम करता है. उनके मुताबिक, सेक्शन A में देखा गया कि अभ्यर्थी लोगों की जिंदगी और उनकी भावनाओं को कितनी गहराई से समझते हैं.

वहीं, सेक्शन B में उसी दार्शनिक सोच को प्रशासनिक हिम्मत, ईमानदारी और नेतृत्व की कसौटी पर परखा गया. उदाहरण के लिए, ‘दो हाथियों की लड़ाई में घास का रौंदे जाना’ जैसा टॉपिक दिखाता है कि जब बड़े-बड़ों में टकराव होता है तो बेबस जनता को ही नुकसान सहना पड़ता है.

‘छोटे सवाल, लेकिन हर एंगल से सोचने की जरूरत’

सारथी आईएएस के फैकल्टी पीयूष कुमार ने बताया कि इस बार निबंध के टॉपिक काफी कम शब्दों में थे. इससे उन्हें समझना बेहद आसान हो गया था. उनका कहना है कि सत्ता, संतोष और शिक्षा जैसे पुराने विषयों को ही दार्शनिक रूप में पूछा गया था. ‘कांटा, कली का बदला हुआ रूप है’ जैसी लाइन को केवल एक नजरिए से नहीं, बल्कि पर्सनल, सोशल, पॉलिटिकल और ग्लोबल स्तर पर समझाना था.

उन्होंने आगे तैयारी करने वालों को सलाह दी कि अब एथिक्स (GS Paper IV) के विचार जैसे- ईमानदारी, सहानुभूति, अंतरात्मा और नैतिक हिम्मत इस पेपर की जान बन चुके हैं. इसके अलावा गांधी, सुकरात, अरस्तू, कांट, आंबेडकर, विवेकानंद और बुद्ध जैसे 15-20 बड़े विचारकों के मुख्य विचारों को समझना बहुत जरूरी है. अब रटने से नहीं बल्कि खुद की सोच से ही अच्छे नंबर मिलेंगे.

‘करंट अफेयर्स और वैश्विक घटनाओं से जोड़ने का बेहतरीन मौका’

फोरम आईएएस के संस्थापक आयुष सिन्हा का मानना है कि इस साल का पेपर बहुत बैलेंस्ड था. कई बार बेहद अमूर्त या उलझाने वाले कोट्स दिए जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं था. उनके अनुसार, अच्छी तैयारी करने वाला उम्मीदवार बहुत ही सहजता से इसे हल कर सकता था. अभ्यर्थी इन विषयों को वर्तमान की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से बहुत आसानी से जोड़ सकते थे. जो अभ्यर्थी देश-दुनिया की खबरों से अपडेट रहे हैं और जिनकी पढ़ने की आदत अच्छी है, वे इस पेपर में बहुत बेहतरीन और प्रैक्टिकल उत्तर लिख पाए होंगे.

‘किताबी ज्ञान से ज्यादा समझदारी की परीक्षा’

शुभ्रा रंजन आईएएस स्टडी की निदेशक शुभ्रा रंजन के मुताबिक, 2026 का पेपर सोचने पर मजबूर करने वाला और विचारों पर आधारित था. इसमें सिर्फ यह नहीं देखा गया कि आपको कितनी जानकारी है, बल्कि यह देखा गया कि आप सीधी-सादी बात को कितनी गहराई से समझ पाते हैं. शुभ्रा रंजन बताती हैं कि सवाल ऊपर से आसान लग रहे थे. लेकिन उनके लिए गहरी सोच और बातों को समाज, राजनीति और नैतिकता से जोड़ने की कला चाहिए थी.

‘एक अच्छे शिक्षित दिमाग में हमेशा उत्तर से ज्यादा सवाल होंगे’ या ‘उत्तम नेता वही है जो अनुयायियों का अनुसरण करे’- इन लाइनों का केवल सीधा मतलब नहीं निकालना था, बल्कि उनके अलग-अलग पहलुओं और विरोधी विचारों को भी समझना था. कुल मिलाकर, यह पेपर अभ्यर्थी की सोच की गहराई और समझदारी की असली परीक्षा रहा.



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top