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BJP Parliamentary Board: बीजेपी में नए राष्ट्रीय संगठन की घोषणा के बाद अब पार्टी के सबसे शक्तिशाली मंच ‘संसदीय बोर्ड’ में बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है. पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा जैसे कद्दावर नेताओं की मौजूदगी वाला यह 12 सदस्यीय बोर्ड ही पार्टी के सभी निर्णायक फैसले लेता है. देश में पीएम और राज्यों में सीएम के चेहरों पर मुहर लगाने से लेकर गठबंधन और अनुशासनात्मक कार्रवाई का अंतिम अधिकार इसी शीर्ष निकाय के पास है.
बीजेपी का संसदीय बोर्ड ही पार्टी की सबसे ताकतवर फैसला लेने वाली संस्था है. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. नितिन नवीन की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में नई संगठनात्मक टीम बनने के बाद अब पार्टी की सबसे शक्तिशाली इकाई, यानी ‘संसदीय बोर्ड’ के पुनर्गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. 12 सदस्यीय इस शीर्ष निकाय में फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा जैसे दिग्गज चेहरे शामिल हैं. बीजेपी के संविधान के अनुसार, पार्टी का संसदीय बोर्ड ही सबसे ताकतवर फैसला लेने वाली संस्था है.
इसी मंच से देश के प्रधानमंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के नामों की सिफारिश की जाती है. इसके अलावा चुनावी गठबंधन तय करने, अहम नीतिगत फैसले लेने और आंतरिक अनुशासन से जुड़े बड़े मामलों पर अंतिम मुहर लगाने का सर्वाधिकार भी इसी बोर्ड के पास होता है. माना जा रहा है कि आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए इस सर्वोच्च संस्था में नए चेहरों को जगह मिल सकती है.
इसके सभी सदस्य केंद्रीय चुनाव समिति के भी अनिवार्य सदस्य होते हैं, जो चुनावों के लिए उम्मीदवारों का अंतिम चयन करती है. पार्टी अध्यक्ष संसदीय बोर्ड के पदेन अध्यक्ष होते हैं, जबकि राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) – जो अभी बी.एल. संतोष हैं – इसके सचिव के तौर पर काम करते हैं. पार्टी के संविधान के अनुसार, बोर्ड में अध्यक्ष समेत ज्यादा से ज्यादा 11 सदस्य हो सकते हैं. इस बोर्ड का गठन करते समय पार्टी वरिष्ठता के साथ-साथ क्षेत्रीय, जातीय और धार्मिक प्रतिनिधित्व का भी ध्यान रखती है.
आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए कुछ राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बोर्ड में जगह दी जा सकती है. पार्टी के पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा और नितिन गडकरी की संसदीय बोर्ड में मौजूदगी जारी रखने के फैसले से यह भी तय होगा कि बीजेपी की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था में कितने नए सदस्यों को शामिल किया जाएगा.
संसदीय बोर्ड के अलावा केंद्रीय चुनाव समिति का भी पुनर्गठन किया जा रहा है. चुनाव समिति में संसदीय बोर्ड के सदस्यों के साथ-साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी महिला मोर्चा की पदेन अध्यक्ष जैसे नेता शामिल होते हैं. 120 सदस्यों वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी पार्टी की मुख्य कार्यकारी संस्था है, जिसमें महिलाओं और अनुसूचित जातियों व अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों का अनिवार्य न्यूनतम प्रतिनिधित्व होता है. राष्ट्रीय परिषद में राज्य परिषदों के प्रतिनिधि, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और विधायी दलों के नेता शामिल होते हैं.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…
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