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अनाज ही नहीं फल भी देंगे मुनाफा, पलामू की रीना देवी इस...


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अनाज ही नहीं फल भी देंगे मुनाफा, रीना देवी खेती से कर रहीं हैं अतिरिक्त कमाई

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पलामू की महिला किसान रीना देवी ने 5 कट्ठा जमीन में पपीते की खेती शुरू की है. उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण लिया है. उन्हें 5 क्विंटल उत्पादन की उम्मीद है. इससे अतिरिक्त आमदनी होगी. फलदार फसलें किसानों की आय बढ़ाने में मददगार हैं.

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पलामूः आज के बदलते दौर के साथ किसान अब खेती के तौर-तरीकों में भी बदलाव कर रहे हैं. जहां पारंपरिक फसलों के साथ फलदार पौधों की खेती को अपनाकर किसान कम जमीन से बेहतर आमदनी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. इसी कड़ी में पलामू की महिला किसान रीना देवी ने भी खेती के पारंपरिक तरीके में बदलाव करते हुए पपीते की खेती शुरू की है. उनका मानना है कि फलदार फसलों की खेती से आने वाले समय में अच्छी और मोटी कमाई की जा सकती है.

रीना देवी ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र, चियांकी से तकनीकी जानकारी लेकर पपीते के पौधे लगाए हैं. फिलहाल उन्होंने करीब पांच कट्ठा जमीन में पपीते की खेती की शुरुआत की है. उनका उद्देश्य पारंपरिक खेती के साथ ऐसी फसल तैयार करना है, जिसकी बाजार में मांग बनी रहे और उत्पादन के बाद अच्छी कीमत भी मिल सके. पपीता कम समय में तैयार होने वाली फलदार फसलों में शामिल है और स्थानीय बाजार में इसकी मांग भी रहती है.

50 रुपये किलो के दर से बिक्री
रीना देवी ने कहा कि पांच कट्ठा जमीन में पपीते की खेती कर रही है जिससे एक बार में पांच क्विंटल से अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है. बाजार में यदि औसतन 50 रुपये किलो की दर से भी पपीते की बिक्री होती है, तो पांच क्विंटल उत्पादन से करीब 25 हजार रुपये की आमदनी हो सकती है. वहीं बेहतर बाजार भाव मिलने पर यह आमदनी 30 हजार रुपये या उससे अधिक भी हो सकती है. लगातार उत्पादन होने से किसान को इससे अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिल सकता है.

रीना देवी ने कहा कि पपीते की खेती में बाजार की मांग अच्छी है और फल की बिक्री आसानी से की जा सकती है. यही वजह है कि वह पारंपरिक खेती के साथ फलदार फसलों को भी खेती का हिस्सा बना रही हैं. उनका मानना है कि खेती को सिर्फ अनाज उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय फल, सब्जी और अन्य व्यवसायिक फसलों को शामिल करने से किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है.

उन्होंने कहा कि कृषि विशेषज्ञ बताते है कि किसानों को स्थानीय जलवायु और बाजार की मांग के अनुसार फसलों का चयन कर खेती करना फायदेमंद है. ऐसे में पपीते जैसी फलदार फसल किसानों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया बन सकती है. इसीलिए उन्होंने इसकी खेती कर अच्छा मुनाफा कमाने की योजना बना रही है.

About the Author

Prashun Singh

प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई.

इसके बाद ETV Bharat (बिहार)…

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