Last Updated:
रांची के सिंपल बीए पास हिमांशु ने बिना किसी ट्रेनिंग के कमाल कर दिखाया. उन्होंने ‘दीपांजलि’ ब्रांड बनाकर आंवले से 100 से अधिक यूनिक प्रॉडक्ट्स तैयार किए. कैंडी, लड्डू और जूस जैसे प्रॉडक्ट्स की ऑल इंडिया डिलीवरी होती है. आज उनका सालाना टर्नओवर 40 लाख रुपये से ऊपर है.
रांचीः रांची के रहने वाले हिमांशु ने अपनी मेहनत और जुनून से मिसाल कायम की है. बिना किसी बड़ी डिग्री या ट्रेनिंग के उन्होंने ‘दीपांजलि’ नाम से अपना ब्रांड खड़ा किया है. वह आंवले से 100 से भी ज्यादा तरह के प्रॉडक्ट्स बनाते हैं. आज उनके इस बिजनेस का सालाना टर्नओवर 40 लाख रुपये से अधिक हो चुका है.
साधारण पढ़ाई, बड़ा विजन
हिमांशु सिर्फ सिंपल बीए पास हैं. उन्होंने बिजनेस की बारीकियां अपने बड़े भाई से सीखीं. आंवला सेहत के लिए बहुत लाभदायक होता है. इसी बात को ध्यान में रखकर उन्होंने आंवले को अपना मुख्य प्रॉडक्ट बनाया. उनका मकसद लोगों को अच्छी सेहत देना और अपना कारोबार बढ़ाना था.
बाजार में उतारे यूनिक प्रॉडक्ट्स हिमांशु बताते हैं कि बाजार में आंवले की ऐसी वैरायटी पहले देखने को नहीं मिलती थी. उन्होंने आंवले से कई अनोखी चीजें तैयार की हैं:
- बच्चों के लिए कैंडी के करीब 25 फ्लेवर उपलब्ध हैं.
- आंवले का लड्डू, बर्फी और 10 से 12 तरह की मिठाइयां बनती हैं.
- लड़कियों के लिए खट्टा-मीठा आंवला पापड़ तैयार किया जाता है.
- बुजुर्गों के लिए आंवले का सिरका और शुद्ध जूस उपलब्ध है.
50 लोगों को रोजगार
हिमांशु का अपना कारखाना है. इसमें करीब 50 लोग काम करते हैं, जिन्हें वह रोजगार दे रहे हैं. उनके प्रॉडक्ट्स की पैकिंग एकदम ब्रांडेड होती है और डिलीवरी पूरे भारत में की जाती है. देशभर में उनके 10,000 से भी ज्यादा नियमित ग्राहक बन चुके हैं. ये ग्राहक हर महीने 2 से 3 हजार रुपये का सामान मंगवाते हैं.
शुद्धता ही सफलता की कुंजी
हिमांशु के मुताबिक उनके सामान की शुद्धता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है. एक बार सामान इस्तेमाल करने के बाद ग्राहक बार-बार ऑर्डर देते हैं. हिमांशु का मानना है कि सफलता सिर्फ डिग्री से नहीं मिलती. इसके लिए सही नीयत, कड़ी मेहनत, जुनून और सही दिशा में प्रयास करना जरूरी है.
About the Author
प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई.
इसके बाद ETV Bharat (बिहार)…
और पढ़ें