रांची में रविवार को प्रस्तावित जुलूस को लेकर केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष हरिश्चंद्र भगत ने शनिवार को प्रेस वार्ता कर अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम आदिवासी समाज की ओर से आयोजित नहीं किया जा रहा है बल्कि ईसाई समाज के धर्मगुरुओं द्वारा आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरना समाज के लोगों को इस कार्यक्रम में शामिल होने के संबंध में केंद्रीय सरना समिति अथवा आदिवासी समाज की ओर से कोई विज्ञप्ति या पत्र जारी नहीं किया गया है। हरिश्चंद्र भगत ने कहा कि सरना धर्म को मानने वाले लोग आदिवासी समाज का हिस्सा हैं। आदिवासी समाज ने 30 अगस्त को प्रस्तावित कार्यक्रम अथवा किसी आंदोलन को लेकर कोई आधिकारिक विज्ञप्ति जारी नहीं की है। उन्होंने कहा कि किसी अन्य संस्था या धार्मिक संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम को आदिवासी समाज का कार्यक्रम बताना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि रांची कैथोलिक महाधर्मप्रांत की ओर से एक पत्र सोशल मीडिया में वायरल है। उन्होंने सरना समाज के लोगों से अपील की कि किसी भी कार्यक्रम में शामिल होने से पहले उसके आयोजक और उद्देश्य की जानकारी अवश्य लें। प्रेस वार्ता में श्रद्धानंद बेसरा सहित कई लोग उपस्थित थे।
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