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झारखंड के प्रसिद्ध लोध फॉल में लगातार बारिश के बाद पानी का बहाव तेज हो गया है. जिससे यह अपने रौद्र रूप में है. वन विभाग ने पर्यटकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है. लकड़ी के पुल पर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
पलामूः बरसात के मौसम में प्रकृति जब अपना खूबसूरत रूप दिखाती है तो पहाड़, जंगल और झरने पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. लेकिन इसी मानसून के दौरान यही खूबसूरत नजारे कभी-कभी खतरनाक भी बन जाते हैं. झारखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में शामिल लोध फॉल इन दिनों अपने रौद्र रूप में नजर आ रहा है. जहां लगातार बारिश के बाद झरने में पानी का बहाव काफी तेज हो गया है, जिससे आसपास का इलाका भी जोखिम भरा हो गया है. अगस्त महीने में झारखंड में काफी अधिक वर्षा हुई है. जिस कारण नदी, झील और झरने में पानी का बहाव काफी तेज हो हुआ है.
दरअसल, लातेहार जिले के महुआडांड़ क्षेत्र में स्थित लोध फॉल अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और ऊंचाई के लिए जाना जाता है. सामान्य दिनों में यहां दूर-दूर से पर्यटक प्रकृति का आनंद लेने पहुंचते हैं. लेकिन मानसून में पानी बढ़ने के बाद इसका दृश्य पूरी तरह बदल गया है. तेज बहाव और उफनते पानी को देखकर पर्यटक रोमांचित तो हो रहे हैं, लेकिन जरा सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. ऐसे में वन विभाग द्वारा हाई अलर्ट जारी है. इसके साथ साथ पर्यटकों को सावधानी के साथ घूमने की सलाह दी जा रही है.
लकड़ी के पुल पर जाना प्रतिबंध
स्थानीय लोग बताते है कि पिछले एक सप्ताह से पर्यटकों के लिए लोध फाल में एंट्री खुली है. हालांकि लकड़ी के पुल पर जाना प्रतिबंध है. वहीं भारी बारिश के कारण कई दिनों तक पर्यटकों को एंट्री बंद थी. लेकिन अब खुल चुका है. लोध फॉल के आसपास नदी और जलधारा में पानी का स्तर बढ़ने के कारण प्रशासन और स्थानीय प्रबंधन की ओर से पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है. खासकर लकड़ी के पुल की ओर जाने पर रोक लगाई गई है, ताकि तेज बहाव के बीच कोई पर्यटक जोखिम वाले क्षेत्र में न पहुंच सके.
बता दें कि घूमने आ रहे पर्यटक लोध फॉल का रौद्र रूप देख काफी रोमांचित हो रहे है. लेकिन रौद्र रूप देखकर खतरा का भी डर बना हुआ है. मानसून में पहाड़ी इलाकों में बारिश के बाद पानी का बहाव अचानक तेज हो जाता है. ऐसे में सेल्फी या वीडियो बनाने के लिए नदी और झरने के बेहद करीब जाना जानलेवा साबित हो सकता है, वन विभाग के द्वारा कर्मी तैनात है जो कि पर्यटकों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील कर रहे है.
लोध फॉल का रौद्र रूप निश्चित रूप से प्रकृति की अद्भुत ताकत को दिखाता है. उफनता पानी, जंगलों के बीच गूंजती आवाज और मानसून की हरियाली पर्यटकों को आकर्षित कर रही है. लेकिन इस खूबसूरती के साथ सावधानी भी बेहद जरूरी है. ऐसे में अगर आप मानसून के दौरान लोध फॉल घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो प्रकृति के इस अद्भुत नजारे का आनंद जरूर लें, लेकिन सुरक्षा को सबसे पहले रखें. क्योंकि एक अच्छी यात्रा वही है, जहां रोमांच के साथ सुरक्षित वापसी भी हो.
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प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई.
इसके बाद ETV Bharat (बिहार)…
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