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When To Remove Rakhi After Raksha Bandhan: रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं, जो उनके अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस पवित्र धागे को कितने दिनों बाद उतारना चाहिए? राखी उतारने का सही समय क्या है और रक्षासूत्र से जुड़े नियम क्या हैं? आइए जानते हैं इन सभी सवालों के जवाब, ताकि आप परंपरा का सही ढंग से पालन कर सकें.
When To Remove Rakhi After Raksha Bandhan: रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मना लिया गया है. रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और रक्षा के संकल्प का प्रतीक माना जाता है. इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी या रक्षासूत्र बांधती है और भाई उसकी रक्षा करने का वचन देता है. ज्यादातर पर्व किसी ना किसी देवी-देवता को समर्पित होते हैं लेकिन केवल यही पर्व है, जो भाई-बहन को समर्पित है. रक्षाबंधन का असली संदेश भी यही है कि भाई-बहन के बीच प्रेम, सम्मान और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी का रिश्ता हमेशा बना रहे. राखी बांधने के बाद कई लोगों के मन में सवाल होता है कि इसे कितने दिन तक कलाई पर रखना चाहिए और उतारने के बाद इसका क्या करना चाहिए. आइए जानते हैं इन सभी सवालों के जवाब…
राखी कब उतारनी चाहिए?
राखी उतारने को लेकर अलग-अलग जगहों पर अलग परंपराएं प्रचलित हैं. यह सूत्र ठीक उसी तरह हैं, जिस तरह पूजा-पाठ या अनुष्ठान में कलावा पहनाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं में रक्षाबंधन के कम से कम 21 दिन तक राखी पहनने की परंपरा है. अगर 21 दिन तक राखी पहनने में समस्या आ रही है तो कृष्ण जन्माष्टमी तक राखी पहननी चाहिए. हालांकि कुछ ज्योतिष बताते हैं कि राखी को कम से कम 16 दिन तक पहनना चाहिए यानी सावन पूर्णिमा से लेकर भाद्रपद पूर्णिमा तक राखी पहननी चाहिए.
कुछ परंपराओं में राखी को दशहरा तक पहनने के बारे में बताया जाता है. कई भाई तो सालभर तक राखी कलाई पर बांधे रखते हैं और अगले रक्षाबंधन पर पुरानी को हटाकर नई राखी धारण करते हैं. इसके अलावा राखी उतारने के लिए जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी का दिन शुभ माना गया है. इसलिए राखी उतारने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात अपने परिवार की परंपरा और स्थानीय मान्यता को मानना है. अगर राखी बहुत ढीली हो जाए, टूटने लगे या दैनिक काम में परेशानी हो तो उसे इनमें से किसी भी शुभ तिथि पर सम्मानपूर्वक उतारा जा सकता है.
राखी उतारने की सही विधि
राखी उतारने के लिए आप किसी भी शुभ तिथि का चयन कर सकते हैं, फिर अभिजीत मुहूर्त में (जो लगभग दोपहर का समय होता है) अपने इष्ट देव का ध्यान करते हुए उतार देनी चाहिए. राखी केवल एक धागा नहीं बल्कि भाई-बहन के बीच प्रेम और जिम्मेदारी का भाव दर्शाती है. इसका महत्व इस बात में भी है कि यह रिश्ते को मजबूत करने और एक-दूसरे के प्रति अपने कर्तव्यों को याद रखने का अवसर देती है.
राखी उतारने के बाद क्या करें?
राखी को उतारकर इधर-उधर या कूड़े में फेंकना उचित नहीं माना जाता. अगर राखी प्राकृतिक सामग्री से बनी है और परंपरा में अनुमति हो, तो उसे सम्मानपूर्वक किसी स्वच्छ स्थान या बहते जल में विसर्जित करने की परंपरा भी कुछ परिवारों में मिलती है. हालांकि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक या सिंथेटिक राखी को जल में प्रवाहित करने से बचना चाहिए. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसे आप किसी पेड़ की शाखा पर बांध सकते हैं या फिर साफ कपड़े में लपेटकर किसी पवित्र स्थान पर रखा जा सकता है. कुछ लोग इसे पूजा की सामग्री के साथ सुरक्षित रखते हैं.
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पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…
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