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Kal Ka Mausam 2nd September | कल का मौसम: 65KM की रफ्तार...


IMD Weather Tomorrow: सितंबर का महीना शुरू हो चुका है और महीने की शुरुआत ही देश के बड़े हिस्से में मौसम कहर बरपाने के लिए तैयार है. बंगाल की खाड़ी में बना मजबूत मौसमी सिस्टम अब उत्तर और मध्य भारत की तरफ बढ़ रहा है और इसके असर से बुधवार, 2 सितंबर को 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में जोरदार बारिश देखने को मिल सकती है. कहीं भारी बारिश होगी, कहीं गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलेंगी, तो कुछ राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. इस दौरान कुछ जगहों पर 65 KMpH की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं.

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, गंगीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी तटीय ओडिशा, झारखंड और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अगले 48 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ सकता है. यह सिस्टम उत्तर ओडिशा और झारखंड के रास्ते आगे बढ़ेगा. इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी पर बने बवंडर (Cyclonic Circulation) के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अचानक बदल सकता है. मौसम विभाग ने 2 सितंबर को छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. वहीं दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है.

दिल्ली में कल खूब बरसेंगे बादल

दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से मौसम सूखा ही बना हुआ है, लेकिन बुधवार को बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं. आईएमडी ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है. इस दौरान आसमान में घने बादल छाए रह सकते हैं और कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है.

बारिश अगर तेज हुई तो दिल्ली की सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या फिर सामने आ सकती है. खासतौर पर निचले इलाकों और उन सड़कों पर परेशानी बढ़ सकती है, जहां जल निकासी की समस्या रहती है. मौसम विभाग ने बिजली गिरने और गरज-चमक की भी चेतावनी दी है. ऐसे में बारिश के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े रहने से बचना बेहतर होगा.

दिल्ली के लिए राहत की बात यह है कि बारिश के कारण तापमान में गिरावट महसूस हो सकती है. हालांकि उमस से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना नहीं है. आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, 3 और 4 सितंबर को भी दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं. यानी राजधानी में सितंबर के शुरुआती दिनों में मानसून का असर लगातार बना रह सकता है.

यूपी में भी होगी झमाझम बारिश

उत्तर प्रदेश में भी बुधवार को मानसून सक्रिय रहेगा. राज्य के पूर्वी हिस्सों में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है. आईएमडी ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है. कई जिलों में बादल छाए रहने के साथ रुक-रुककर बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है.

पूर्वी यूपी में भारी बारिश की संभावना के चलते नदियों और निचले इलाकों पर नजर रखने की जरूरत होगी. लगातार बारिश होने पर छोटे नालों और स्थानीय जलस्रोतों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है. ग्रामीण इलाकों में खेतों और कच्चे रास्तों पर भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है.

आईएमडी के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 1 से 5 सितंबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. यानी राज्य के कई हिस्सों में आने वाले दिनों तक बादलों और बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है.

उत्तराखंड में आसमान बढ़ाएगी चिंता

उत्तराखंड में मानसून अभी भी पूरी तरह शांत होने के मूड में नहीं है. बुधवार से राज्य में भारी बारिश का दौर तेज होने की संभावना है. आईएमडी ने 2 से 7 सितंबर के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है.

पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश का मतलब सिर्फ सुहावना मौसम नहीं, बल्कि भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा भी है. इस कारण पर्वतीय इलाकों में चट्टानें गिर सकती हैं और पहाड़ी सड़कों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हो सकता है. नदियों और बरसाती नालों के जलस्तर में भी अचानक बढ़ोतरी की आशंका बनी रहेगी.

उत्तराखंड जाने वाले पर्यटकों और चारधाम या अन्य पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है. पहाड़ों में मौसम तेजी से बदल सकता है और तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा जोखिम भरी हो सकती है.

बिहार में आंधी-बारिश का डबल अटैक

बिहार में भी बुधवार को मौसम बिगड़ा हुआ रह सकता है. आईएमडी ने राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है. इसके साथ ही गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.

बिहार में 2 से 4 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. इस दौरान बारिश के दौरान बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा. मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को गरज-चमक के समय खुले खेतों या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए.

झारखंड पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन का सीधा असर

झारखंड इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव वाले प्रमुख राज्यों में शामिल है. निम्न दबाव का क्षेत्र झारखंड के आसपास सक्रिय होने के कारण बुधवार को राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है. आईएमडी ने कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है.

झारखंड में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है. मौसम विभाग ने कई इलाकों में झोंकेदार हवाओं का अनुमान जताया है. 1 और 2 सितंबर के दौरान भारी बारिश के चलते नदी-नालों और निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ाने की जरूरत है.

राज्य में सोमवार को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई थी. इसके बाद बुधवार को भी बारिश का जोर बना रह सकता है.

एमपी-छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा बरस सकते हैं बादल

बुधवार को मध्य भारत पर मानसून का जोर सबसे ज्यादा दिखाई दे सकता है. छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में आईएमडी ने भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है. कुछ इलाकों में लगातार कई घंटों तक तेज बारिश होने की संभावना बन सकती है.

पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण कई जिलों में जलभराव और नदी-नालों के उफान पर आने का खतरा रह सकता है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं.

छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. आने वाले दिनों में भी राज्य में मानसून सक्रिय रह सकता है. इसलिए स्थानीय प्रशासन और लोगों को मौसम की चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की जरूरत होगी.

बंगाल और ओडिशा में निम्न दबाव का असर

जिस निम्न दबाव के क्षेत्र ने देश के मौसम का मिजाज बदला है, उसका असर पश्चिम बंगाल और ओडिशा में सबसे पहले और सबसे साफ दिखाई देगा. 2 सितंबर को गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. ओडिशा में बारिश के साथ तेज हवाओं की भी संभावना है. कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है.

पश्चिम बंगाल और झारखंड से आगे बढ़ता यह सिस्टम धीरे-धीरे देश के अंदरूनी हिस्सों के मौसम को भी प्रभावित करेगा. यही वजह है कि पूर्वी भारत से लेकर मध्य भारत तक एक साथ बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है.

देश के बाकी हिस्सों का हाल

पूर्वोत्तर भारत में बुधवार को मानसून की सक्रियता बनी रहेगी. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है. नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है. वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है. आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में मौसम अचानक बिगड़ सकता है. रायलसीमा में तेज झोंकेदार हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है. तेलंगाना और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है. इसके अलावा पश्चिमी तट पर कोंकण और गोवा में मानसून सक्रिय रहेगा. केरल और माहे में भी बारिश का दौर तेज हो सकता है. तटीय कर्नाटक में कई स्थानों पर लगातार बारिश की संभावना बनी हुई है.

समुद्र में भी खराब होगा मौसम, मछुआरों को चेतावनी

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में खराब मौसम की चेतावनी दी है. सोमालिया और ओमान के तटों के पास तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों में 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है. वहीं बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और श्रीलंका से सटे समुद्री इलाकों में भी मौसम खराब रह सकता है. अंडमान सागर में भी तेज हवाओं की संभावना है.



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