जमशेदपुर. दिवाली का त्योहार आते ही लोग अपने घरों की साफ-सफाई से लेकर इंटीरियर डिजाइनिंग और लाइटिंग तक पर खास ध्यान देते हैं. कोई अपने घर को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाना चाहता है, तो कोई मॉडर्न लाइटिंग के जरिए घर को आकर्षक लुक देना चाहता है. ऐसे में अगर आप भी इस दिवाली अपने घर की सजावट में कुछ नया करने की योजना बना रहे हैं, तो सही लाइट का चुनाव करना आपके लिए काफी जरूरी है. बाजार में इन दिनों कई नए डिजाइन और आधुनिक तकनीक वाली लाइट उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से घर के हर कोने को खूबसूरत बनाया जा सकता है.
सही जगह पर सही लाइट से बदलता है लुक
लाइटिंग एक्सपर्ट हर्षवर्धन बताते हैं कि आजकल बाजार में लाइटिंग के कई नए डिजाइन आए हैं. अब लोग केवल घर को रोशन करने के लिए ही नहीं, बल्कि इंटीरियर को आकर्षक बनाने के लिए भी अलग-अलग तरह की लाइट का इस्तेमाल कर रहे हैं. पहले जहां घरों में सामान्य बल्ब और ट्यूबलाइट का अधिक इस्तेमाल होता था, वहीं अब वार्म लाइट, डिजाइनर झूमर, स्पॉटलाइट और डेकोरेटिव लाइट की मांग बढ़ रही है. सही जगह पर सही लाइट लगाने से घर का लुक पूरी तरह बदल सकता है.
लिविंग रूम में वार्म लाइट और झूमर से बढ़ेगी खूबसूरती
घर का लिविंग रूम वह जगह है, जहां परिवार के लोग एक साथ बैठते हैं और मेहमानों का स्वागत करते हैं. ऐसे में यहां वार्म व्हाइट लाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे कमरे में आरामदायक और आकर्षक माहौल बनता है. इसके साथ छत पर डिजाइनर झूमर और दीवारों पर डेकोरेटिव लाइट लगाने से इंटीरियर को प्रीमियम लुक मिलता है. अगर कमरे में कोई पेंटिंग, फोटो या खास सजावटी सामान है, तो उसके आसपास स्पॉटलाइट लगाकर उसे और खूबसूरत बनाया जा सकता है.
बच्चों के स्टडी रूम में आंखों के अनुकूल होनी चाहिए रोशनी
बच्चों के पढ़ने वाले कमरे में लाइटिंग का चुनाव करते समय विशेष ध्यान देना चाहिए. यहां पर्याप्त और समान रोशनी देने वाली लाइट बेहतर रहती है. स्टडी टेबल पर अच्छी क्वालिटी का डेस्क लैंप लगाया जा सकता है, ताकि पढ़ते या लिखते समय किताब और कॉपी पर पर्याप्त रोशनी मिले. लाइट ऐसी होनी चाहिए, जिससे आंखों पर अनावश्यक दबाव न पड़े. वहीं, बेडरूम में हल्की वार्म लाइट और बेड के पास रीडिंग लैंप लगाने से आरामदायक माहौल बनाया जा सकता है.
घर के बाहर लगाएं मौसम के अनुकूल लाइट
दिवाली के दौरान घर के मुख्य दरवाजे, बालकनी, छत और गार्डन को सजाने के लिए भी कई तरह की लाइट उपलब्ध हैं. हर्षवर्धन के मुताबिक, बाजार में ऐसी लाइटिंग भी मिल रही है, जिसे घर के बाहर इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि, खरीदारी करते समय उसकी आईपी रेटिंग जरूर देखनी चाहिए. आईपी रेटिंग से पता चलता है कि लाइट में धूल और पानी से बचाव की क्षमता कितनी है. बाहर बारिश के संपर्क में आने वाली जगहों के लिए उपयुक्त वाटर-रेसिस्टेंट लाइट चुनना जरूरी है. केवल डिजाइन देखकर लाइट न खरीदें, बल्कि उसके इस्तेमाल की जगह और सुरक्षा मानकों की जानकारी भी लें.
किचन और पूजा घर के लिए भी चुनें खास लाइट
किचन में ऐसी लाइट लगानी चाहिए, जिससे खाना बनाने और काम करने वाली जगह पर पर्याप्त रोशनी मिले. इसके लिए छत की लाइट के साथ काउंटर के नीचे या कैबिनेट के पास टास्क लाइटिंग का इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं, पूजा घर में वार्म व्हाइट या हल्की सुनहरी रोशनी के साथ छोटे डेकोरेटिव लैंप लगाए जा सकते हैं. इससे पूजा स्थल में सुंदर और शांत वातावरण बनता है.
इन बातों का रखें ध्यान
हर्षवर्धन बताते हैं कि दिवाली पर घर की लाइटिंग करवाते समय केवल महंगे डिजाइन पर ध्यान देना जरूरी नहीं है. घर का आकार, दीवारों का रंग, फर्नीचर और लाइट का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा है, इन सभी बातों को ध्यान में रखना चाहिए. सही प्लानिंग से कम बजट में भी घर को नया और आकर्षक लुक दिया जा सकता है. इसके साथ ही बिजली की बचत करने वाली एलईडी लाइट का चुनाव करना भी बेहतर विकल्प है.