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कांडी | वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रखंड क्षेत्र के चार विद्यालयों का स्वच्छता पुरस्कार के लिए चयन किया गया है। इनमें एक उच्च विद्यालय, एक मध्य विद्यालय एवं दो प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। मालूम हो कि दूसरे संकुल के संकुल साधन सेवी के द्वारा स्वच्छ विद्यालयों का चयन किया जाता है। चयनित सूची की क्रॉस चेकिंग भी की जाती है। उसके बाद सूची को अंतिम रूप दिया जाता है। जिला शिक्षा पदाधिकारी के पत्रांक 1779 दिनांक 27 अक्टूबर 2026 के अनुसार जारी सूची के तहत पीएम श्री उच्च विद्यालय लमारी कला को प्राइमरी अमाउंट के रूप में 10000, अपग्रेड प्राथमिक विद्यालय रामबांध को प्राइमरी अमाउंट के रूप में 75000, अपग्रेड मध्य विद्यालय गोसांग को प्राइमरी अमाउंट के रूप में 10000 एवं अपग्रेड प्राथमिक विद्यालय कुरकुट्टा को भी प्राइमरी अमाउंट के रूप में ₹10000 दिए गए हैं। सूची देखने के बाद नाम नहीं छापने की शर्त पर कई शिक्षकों ने कहा कि स्वच्छता एवं रखरखाव के मामले में अव्वल विद्यालयों को छोड़ दिया गया है। जबकि अन्य विद्यालयों को न जाने किस आधार पर पुरस्कार के लिए चयनित कर उन्हें पुरस्कृत किया गया है। भास्कर न्यूज | डंडई प्रखंड मुख्यालय डंडई में संचालित निजी शिक्षण संस्थान पैराडाइज पब्लिक स्कूल ने स्वच्छता एवं साफ-सफाई के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2025-26 के तहत झारखंड शिक्षा परियोजना की ओर से जारी जिला स्तरीय चयन सूची में विद्यालय ने अपना स्थान बनाया है। जारी सूची में विद्यालय का नाम 13वें क्रमांक पर दर्ज है। इसके साथ ही प्राथमिक श्रेणी के तहत विद्यालय के लिए 75 हजार रुपए की पुरस्कार राशि भी अंकित की गई है। झारखंड शिक्षा परियोजना, गढ़वा के जिला शिक्षा पदाधिकारी-सह-जिला कार्यक्रम पदाधिकारी की ओर से 27 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र के अनुसार, मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2025-26 के लिए चयनित विद्यालयों की सूची राज्य परियोजना कार्यालय से प्राप्त हुई है। इसी क्रम में चयनित विद्यालयों को पुरस्कार राशि के नियमानुसार उपयोग से संबंधित दिशा-निर्देश देने के उद्देश्य से 29 अक्टूबर को जिला कार्यालय में प्रधानाध्यापकों की बैठक आयोजित की गई थी। जारी जिला स्तरीय चयन सूची के क्रमांक 13 पर डंडई प्रखंड के पैराडाइज पब्लिक स्कूल का नाम शामिल होना क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। एक निजी विद्यालय का जिला स्तरीय चयन सूची में जगह बनाना स्वच्छता के प्रति विद्यालय प्रबंधन की सक्रियता और प्रयासों को दर्शाता है। इस संबंध में विद्यालय के निदेशक सिकंदर प्रजापति ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, बेहतर शौचालय व्यवस्था, परिसर की साफ-सफाई, हाथ धुलाई, कचरा प्रबंधन तथा स्वच्छ एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि विद्यालय को जिला स्तर पर इस पुरस्कार के लिए चयनित किया जाना प्रबंधन, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए बेहद उत्साहवर्धक है। उन्होंने आगे बताया कि विभाग की ओर से विद्यालय को 75 हजार रुपये की पुरस्कार राशि मिलने की जानकारी दी गई है। इस राशि का उपयोग निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप वेंडर के माध्यम से विद्यालय में स्वच्छता एवं साफ-सफाई से संबंधित आवश्यक कार्यों को बेहतर बनाने में किया जाएगा। विद्यालय निदेशक ने इस उपलब्धि को विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताते हुए कहा कि विद्यालय में स्वच्छ वातावरण बनाए रखना और बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना प्रबंधन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी विद्यालय स्वच्छता एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करता रहेगा।
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