महाराष्ट्र के जलगांव में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की भोकर ब्रांच में हुई करीब 36 करोड़ रुपये की डकैती किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. हेलमेट पहने चार बदमाश दिनदहाड़े बैंक में घुसे, दहशत फैलाने के लिए जमीन पर गोली चलाई, मैनेजर समेत छह कर्मचारियों को पीटा और उनके हाथ-पैर बांधकर मुंह पर टेप चिपका दी. इसके बाद बदमाश बैंक से करीब 27 किलो सोना और 12.5 लाख रुपये से ज्यादा की नकदी लेकर फरार हो गए. लेकिन डकैतों का यह फिल्मी प्लान ज्यादा देर तक नहीं चल सका. पुलिस और स्थानीय लोगों की तेजी से हुई कार्रवाई में कुछ ही घंटों के भीतर लूटा गया पूरा सोना, नकदी और सभी छह बैग बरामद कर लिए गए.
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा बैंक की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हुआ है. जिस बैंक में करोड़ों रुपये का सोना और लाखों की नकदी रखी थी, वहां के सभी आठ CCTV कैमरे बंद पड़े थे. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर सभी कैमरे एक साथ बंद क्यों थे? क्या डकैतों को बैंक में रखे सोने और नकदी की पहले से जानकारी थी? क्या इस वारदात में किसी अंदरूनी व्यक्ति ने उनकी मदद की थी?
एक साथ बैंक में घुसे चार बदमाश, तड़ातड़ फायरिंग
जलगांव तालुका के भोकर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में चार बदमाश बाइक से पहुंचे थे. दोपहर करीब पौने तीन बजे उन्होंने बैंक में प्रवेश किया. पहचान छिपाने के लिए सभी ने हेलमेट पहन रखे थे.
बैंक में घुसते ही एक बदमाश ने जमीन पर गोली चला दी. अचानक हुई फायरिंग से बैंक में मौजूद कर्मचारियों के बीच दहशत फैल गई. इसके बाद बदमाशों ने बैंक मैनेजर समेत छह कर्मचारियों के साथ मारपीट की. सभी के हाथ-पैर बांध दिए गए और मुंह पर सेलो टेप चिपका दी गई, ताकि कोई शोर न मचा सके और मदद के लिए आवाज न लगा सके.
कर्मचारियों को काबू में करने के बाद बदमाश बैंक में रखा करीब 27 किलो सोना और 12.5 लाख रुपये से अधिक की नकदी लेकर छह बैगों में भरकर फरार हो गए. लूटे गए सोने की कीमत करीब 36 करोड़ रुपये बताई गई है.
पल्सर पर छह बैग लेकर भागे बदमाश, गांववालों ने किया पीछा
वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश दोपहिया वाहन से मौके से भाग निकले. लेकिन बैंक में हुई डकैती की खबर फैलते ही स्थानीय लोग सक्रिय हो गए. ग्रामीणों ने बदमाशों का पीछा करना शुरू कर दिया.
इसी दौरान एक आरोपी को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस को सूचना मिली कि कुछ बदमाश धरणगांव की दिशा में भाग रहे हैं. इसके बाद धरणगांव के पुलिस निरीक्षक उमाकांत गायकवाड अपनी टीम के साथ चावलखेड़ा की ओर रवाना हुए.
चावलखेड़ा में रेलवे अंडरपास के पास पुलिस और स्थानीय नागरिकों ने संयुक्त कार्रवाई की. इस दौरान दो और आरोपियों को पकड़ लिया गया. उनके पास से लूट के दो से तीन बैग मिलने की जानकारी सामने आई. पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे ने भी डकैतों से लूटे गए बैग बरामद किए जाने की जानकारी दी.
इस तरह पुलिस और स्थानीय लोगों की संयुक्त कार्रवाई में कुछ ही घंटों के भीतर लूट का पूरा माल बरामद कर लिया गया. पुलिस ने करीब 27 किलो सोना, 12.5 लाख रुपये से अधिक की नकदी और लूट के सभी छह बैग सुरक्षित जब्त कर लिए.
इस मामले में पकड़े गए आरोपियों में शंकर जासक और गजानन पवार के नाम सामने आए हैं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने स्थानीय नागरिकों की मदद से आरोपियों को अलग-अलग स्थानों पर पकड़ने में सफलता हासिल की.
डकैतों को पकड़ने में साहस दिखाने और पुलिस की मदद करने वाले नागरिकों का पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे ने सम्मान भी किया. दिनदहाड़े हुई इतनी बड़ी वारदात के बाद ग्रामीणों की तत्परता और पुलिस की तेज कार्रवाई को अहम माना जा रहा है.
बैंक डकैती में इनसाइडर कनेक्शन की आशंका
इस डकैती का सबसे बड़ा और हैरान करने वाला पहलू बैंक के CCTV कैमरों से जुड़ा है. जांच के दौरान सामने आया कि बैंक में लगे सभी आठ CCTV कैमरे बंद थे. करोड़ों रुपये के सोने और लाखों की नकदी की सुरक्षा के लिहाज से यह गंभीर चूक मानी जा रही है.
अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कैमरे कब से बंद थे और उन्हें ठीक कराने के लिए कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया. यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या डकैतों को पहले से जानकारी थी कि बैंक के कैमरे काम नहीं कर रहे हैं.
जांच एजेंसियों के सामने एक और बड़ा सवाल है कि बदमाशों को बैंक में रखे 27 किलो सोने और नकदी की सटीक जानकारी कैसे मिली? क्या किसी ने उन्हें पहले से टिप दी थी? क्या बैंक के भीतर या बाहर से किसी व्यक्ति ने उनकी मदद की थी? पुलिस इस संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है.
छह बैग में भरा 36 करोड़ का सोना, कुछ घंटों में पूरी लूट बरामद
आमतौर पर इतनी बड़ी डकैती के बाद लूटे गए माल को बरामद करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होता है. लेकिन भोकर बैंक डकैती में पुलिस और स्थानीय लोगों की तेजी से हुई कार्रवाई के चलते कुछ ही घंटों में पूरा सोना, नकदी और सभी छह बैग बरामद कर लिए गए.
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है. जांच का फोकस इस बात पर है कि वारदात की योजना किसने बनाई, बैंक में रखे सोने और नकदी की जानकारी बदमाशों तक कैसे पहुंची और CCTV कैमरे बंद होने के पीछे क्या वजह थी.
जलगांव की इस वारदात में डकैतों ने जिस तरह दिनदहाड़े बैंक में घुसकर करोड़ों का सोना लूटने की कोशिश की, वह किसी फिल्मी एक्शन सीन जैसा था. लेकिन ग्रामीणों की सतर्कता और पुलिस की तेज कार्रवाई ने कुछ ही घंटों में इस लूट की कहानी का रुख बदल दिया. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस वारदात के पीछे कोई अंदरूनी मददगार भी था?