![]()
दुमका के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बेहराबांक गांव में बंद कमरे में मां और उनकी तीन बेटियां बेहोशी की हालत में मिलीं। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने एक बेटी निक्की कुमारी को मृत घोषित कर दिया। मां रीना देवी, 11 दिन की नवजात और एक अन्य बेटी का इलाज चल रहा है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। बताया गया कि सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला। घर के लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद दरवाजा तोड़कर अंदर देखा गया। कमरे में रीना देवी और उनकी तीनों बेटियां अचेत पड़ी थीं। परिजनों ने तत्काल सभी को सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद निक्की को मृत घोषित कर दिया। बाकी तीनों का इलाज शुरू किया गया। नवजात की देखभाल के लिए कमरे में जलाई गई थी अंगीठी परिवार के मुताबिक, बेहराबांक गांव निवासी दिलीप सिंह रात में रिंग रोड स्थित अपने लाइन होटल में सोए थे। घर पर उनकी पत्नी रीना देवी और पांच बेटियां थीं। रीना देवी अपनी 11 दिन की नवजात बच्ची और दो अन्य बेटियों के साथ एक कमरे में सोई थीं। परिवार की बाकी दो बेटियां दूसरे कमरे में थीं। बताया गया कि नवजात बच्ची की देखभाल के लिए रात में कमरे के अंदर अंगीठी जलाई गई थी। ठंड से बचाव और नवजात को गर्म रखने के लिए यह व्यवस्था की गई थी। रात में कमरे के दरवाजे और खिड़कियां बंद थीं। सुबह जब परिजनों ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, तब सभी बेहोश मिले। बंद कमरे में दम घुटने की आशंका गृहस्वामी प्रकाश सिंह ने आशंका जताई कि बंद कमरे में अंगीठी जलने के कारण दम घुटने से यह हादसा हुआ होगा। हालांकि, घटना की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। चिकित्सकीय जांच और संबंधित रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। अस्पताल में भर्ती 11 दिन की नवजात की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं, रीना देवी और एक अन्य बेटी की स्थिति चिंताजनक बताई गई है। घटना के बाद परिवार के लोग सदमे में हैं। एक ही कमरे में सो रही मां और तीन बच्चियों के साथ हुई इस घटना से गांव में भी शोक का माहौल है। पुलिस भी मामले की जानकारी जुटा रही है। अस्पताल की व्यवस्था पर परिजनों ने उठाए सवाल घटना की सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाने की पुलिस सदर अस्पताल पहुंची। पुलिस ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी ली जा रही है। इधर, परिजनों ने अस्पताल की इलाज व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मरीजों को एक जगह से दूसरी जगह भेजा जा रहा है। उनकी देखभाल और इलाज की जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है। परिजनों ने बेहतर इलाज की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल दम घुटने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले मौत का कारण निश्चित नहीं माना जा सकता।
Source link