![]()
धनबाद में रिंग रोड निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान फर्जी दस्तावेजों से 6 करोड़ 32 लाख रुपए से ज्यादा मुआवजा लेने के आरोप में निगरानी विभाग ने 85 वर्षीय नरसिंह दास को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी 5 नवंबर 2026 को हुई। वह बिहार के अरवल जिले के परशुरामपुर गांव का रहने वाला है। उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। निगरानी थाना में इस मामले में 21 अप्रैल 2016 को कांड संख्या 32/16 दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में नरसिंह दास समेत अन्य लोगों पर जालसाजी, धोखाधड़ी, सरकारी राशि के गबन और आपराधिक साजिश के आरोप हैं। इसमें एससी-एसटी एक्ट और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं। निगरानी विभाग के मुताबिक, नरसिंह दास ने धनबाद मौजा संख्या 51 के खाता संख्या 121 और प्लॉट संख्या 1630 की जमीन को अपना बताकर मुआवजे का दावा किया था। इसके लिए दलील संख्या 25560, दिनांक 21 अक्टूबर 1970 का दस्तावेज पेश किया गया। आरोप है कि इसके आधार पर उसने 6 करोड़ 32 लाख 13 हजार 585 रुपए 99 पैसे का मुआवजा लिया। जिला अवर निबंधक कार्यालय से मिले दस्तावेजों की जांच में पता चला कि यह दलील हराधन महतो और अन्य लोगों के नाम पर बंगला लिपि में दर्ज थी। जबकि नरसिंह दास ने अंग्रेजी में तैयार दस्तावेज पेश किया था। निगरानी विभाग ने इसे जाली दस्तावेज बताया है। विभाग के मुताबिक, इसी दस्तावेज के आधार पर सरकारी मुआवजे की राशि लेने का आरोप है। निगरानी विभाग मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहा है।
Source link