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Nisha Bhagat Death Case: झारखंड की आदिवासी समाजिक कार्यकर्ता निशा कुमारी भगत की मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच कराने की मांग की है. वहीं, निशा के पिता ने पिठोरिया थाने में आवेदन देकर बेटी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. सरकार की ओर से उच्चस्तरीय जांच का भरोसा दिया गया है.
झारखंड की सामाजिक कार्यकर्ता निशा भगत (फाइल फोटो)
रांची/नई दिल्ली. सामाजिक कार्यकर्ता निशा भगत की मौत पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दुख जताते हुए झारखंड सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले की जांच सीबीआई से कराने की अपील की. गिरिराज सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘एक निडर आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई… निशा कुमारी भगत जी, एक जबरदस्त सरना आदिवासी नेत्री थीं. उनकी बेबाकी, निडरता और संघर्ष उनकी हर स्पीच में झलकता था. मैं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से निष्पक्ष जांच हो इसलिए CBI से जांच की मांग करता हूं.’ बता दें कि निशा भगत की मौत के बाद अब परिवार के साथ-साथ राजनीतिक नेताओं ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है.
पिता ने लगाया मानसिक और सामाजिक प्रताड़ना का आरोप
निशा की मौत के बाद राजनीतिक नेताओं और आदिवासी संगठनों की ओर से भी जांच की मांग उठ रही है. वहीं, निशा भगत के पिता इंदु भगत ने पिठोरिया थाने में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है. गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र के जोरतांड गांव के रहने वाले इंदु भगत का आरोप है कि उनकी बेटी को लगातार मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. उन्होंने चरित्र हनन और अत्यधिक मानसिक दबाव को बेटी की मौत की वजह बताया है. पिता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
सरकार ने दिया उच्चस्तरीय जांच का भरोसा
वहीं, झामुमो प्रवक्ता और विधायक विकास मुंडा ने कहा है कि सरकार निशा भगत की मौत के मामले की उच्चस्तरीय जांच कराएगी. उन्होंने कहा कि आदिवासी बेटी को खोना दुर्भाग्यपूर्ण है और सरकार की संवेदना पीड़ित परिवार के साथ है. विकास मुंडा के मुताबिक, मामले में जिसका भी नाम सामने आएगा, उसकी जांच होगी और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि यह राजनीति करने का नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने का समय है.
मौत से पहले फेसबुक लाइव में लगाए थे आरोप
बता दें कि निशा भगत आदिवासी अधिकार, सरना धर्म, धर्मांतरण और जमीन से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय थीं. उन्होंने 2024 में JLKM के टिकट पर गुमला विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था. मौत से पहले फेसबुक लाइव में निशा ने झारखंड सरकार, पुलिस प्रशासन और कुछ अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने पिठोरिया थाना प्रभारी को फोन कर अपनी जान देने की बात भी कही थी. शुक्रवार को उनकी मौत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारण और लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है.