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Ranchi 2 Friend’s Unique Cafe: रांची के दो दोस्तों ने मिलकर अलग तरह का कैफे खोला है, जहां सिंपल खाने को प्रोटीन लोडेड बाउल के रूप में सर्व किया जाता है. एक कैफे से शुरू हुआ यह सफर आज 4 कैफे तक पहुंच गया है. हेल्दी खाना, वेटिंग टाइम में बुक्स पढ़ना, लूडो खेलना…ये सब इस कैफे की यूएसपी है सफलता का कारण भी.
रांची. रांची के आशुतोष और कपिल दोनों दोस्त हैं. दोनों ने मिलकर चार कैफे भी खोले हैं. इनका कैफे बड़ा ही यूनिक है. जिसमें प्रोटीन बाउल, राइस बाउल, रेमन बाउल ये सब मिलते हैं. इसमें चावल भी होता है, दाल भी होती है, मशरूम, पनीर, अंडा, सोयाबीन यह कुछ मिलाकर सिंपल राइस प्रोटीन बाउल तैयार करते हैं, जिसकी लोगों के बीच जबरदस्त डिमांड है. यही कारण है कि इन दोनों ने मिलकर एक कैफे से चार कैफे कर लिए हैं.
एक जैसा था आइडिया
आशुतोष बताते हैं हम दोनों की दोस्ती 5 साल पहले हुई है और हम दोनों ही लोगों को कुछ अच्छा और प्रोटीन खिलाने को लेकर सोच रहे थे. ऐसा लग रहा था कि कुछ ऐसी चीज लेकर आएं जो बहुत ही टेस्टी भी हो और साथ में पूरा प्रोटीन से भरपूर हो. तब जाकर हमारे दिमाग में आया कि एक बाउल निकाला जाए, जो कि एक सिंपल लंच टाइम में लोग खा पाएं और आराम से बढ़िया प्रोटीन मिल जाए.
कई तरह के बाउल देखने को मिलेंगे
ऐसे में आपको हमारे पास कई तरह के बाउल देखने को मिलेंगे और यह बाउल बहुत ही हिट हैं. इसमें रेमन बाउल, नॉनवेज बाउल, वेज राइस इस तरह के कई सारे बाउल हमने बनाए हैं और हमारे सारे कैफे में यही मिलता है. अलग-अलग जगह कैफे खोलने का मकसद बस यह था कि लोगों को यह खाने के लिए 10 किलोमीटर या 7 किलोमीटर दूर ना आना पड़े. वह 4 किलोमीटर के बीच में ही आराम से आकर बैठकर लंच का आनंद ले सकते हैं.
टेबल पर गेम्स खेलते हैं और बुक्स भी पढ़ते हैं
उन्होंने आगे बताया, आपको हमारे टेबल पर क्रॉस और लूडो जैसे गेम्स देखने को मिलेंगे. जब तक खाना प्रिपेयर हो रहा है तब तक आप आराम से गेम्स खेलिए. इसके अलावा हमारे पास कई तरह की बुक्स मौजूद हैं. जिसमें मोटिवेशनल, आध्यात्मिक, पौराणिक व नॉलेज हर क्षेत्र की बुक्स हैं. जिसको जो पसंद है वह बुक लेकर आराम से आधा एक घंटा पढ़ सकते हैं, कोई डिस्टर्ब नहीं करने वाला.
क्वालिटी खाने के साथ क्वालिटी टाइम
कपिल बताते हैं, हमारा मकसद यह था कि खाना प्रिपेयर होने में अक्सर 15 से 20 मिनट लग ही जाते हैं. ऐसे में लोग एक बुक को आराम से 20 मिनट तक पढ़ सकते हैं. एक तो उनका नॉलेज बढ़ेगा. उनका टाइम भी वेस्ट नहीं होगा, फोन चलाने से बेटर है कि आप बुक पढ़ें या कोई गेम खेलें और साथ में बढ़िया प्रोटीन बाउल खाएं. यानी अच्छा खाना, अच्छा टाइम और अच्छा जीवन यही हमारे कैफे का उद्देश्य है और लोगों को यह काफी पसंद आ रहा है.
लोगों की डिमांड है
लोगों की डिमांड को देखते हुए ही हमने ये कांटाटोली चौक के समीप नया कैफे अभिलाषा खोला है. 10 दिन पहले ही खोला है. बाकी के तीन पिछले चार साल से चल रहे हैं. ऐसे में कमाई भी अच्छी हो जाती है, लगभग लाखों में. लेकिन कमाई से ज्यादा जरूरी यह होती है हम क्या खिलाना चाहते हैं. इस चीज को लेकर ईमानदार रहें. इसी ईमानदारी के चलते एक छोटे कैफे से आज चार कैफे हम बना पाए हैं.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें